एयरलाइंस में काम करने वाले पायलट्स के लिए अब नौकरी छोड़ना मुश्किल हो जाएगा और वो जल्दी-जल्दी कंपनियों के लुभावने ऑफर की तरफ आर्कषित नहीं हो पाएंगे।
एयरलाइंस कंपनियों की नियामक संस्था डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सीविल एविएशन (डीजीसीए) ने कहा है एयरलाइंस में काम करने वाले पायलट कमांडर एक साल से पहले कंपनी नहीं छोड़ सकेंगे। इसके लिए उनको कम से कम एक साल का नोटिस पीरियड सर्व करना होगा।अभी तक यह समयसीमा 6 महीने की है।
ग्रुप में छोड़ने वाले पायलटों के खिलाफ उठाया कदम
डीजीसीए ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि ऐसे पायलटों के खिलाफ कदम उठाया जा सके, जो एक साथ समूह में नौकरी छोड़ते हैं। इससे एयरलाइंस के परिचालन में कंपनियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है, जिससे लास्ट मिनट में कंपनियों ने अपनी सेवाएं रद्द करने पड़ी थी। हालांकि DGCA ने कहा है कि उसने अभी इन नियमों का अभी ड्रॉफ्ट तैयार किया है। इस पर फैसला लेना अभी बाकी है।
पायलटों में डीजीसीए के खिलाफ दिखा रोष
डीजीसीए के इन ड्रॉफ्ट नियमों के कारण पायलटों में काफी रोष व्याप्त हो गया है। पायलटों ने कहा कि वो इस तरह के नियमों का विरोध करेंगे, क्योंकि पूरी दुनिया में कहीं भी पायलट्स के लिए इस तरह के नियम नहीं हैं।