एमओयू पर हस्ताक्षर करते भारतीय अमेरिकी अधिकारी
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अमेरिका की प्राकृतिक गैस कंपनी टेल्यूरियन इंक और भारत की पेट्रोनेट एलएनजी कंपनी लि. (पीएलएल) ने एक सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत पीएलएल और उसकी सहायक इकाइयां अमेरिका से सालाना 50 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात करेंगी।
दोनों कंपनियों ने शनिवार को इसकी घोषणा की। सूत्रों के अनुसार, यह सौदा करीब 18 हजार करोड़ (2.50 अरब डॉलर) का है। दोनों कंपनियों का इरादा इस करार को 31 मार्च, 2020 तक अंतिम रूप देने का है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार को अमेरिका की शीर्ष पेट्रोलियम कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों (सीईओ) के साथ हुई बैठक के बाद की गई।
टेल्यूरियन ने बयान में कहा कि एमओयू पर दस्तखत प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में किए गए। टेल्यूरियन के अध्यक्ष एवं सीईओ मेग जेंटल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में इस एमओयू पर दस्तखत सम्मान की बात है। हम पेट्रोनेट के साथ ड्रिफ्टवुड परियोजना में एक लंबी और समृद्ध भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं।
पेट्रोनेट भारत की सबसे बड़ी एलएनजी आयातक है। इस करार से वह ड्रिफ्टवुड से स्वच्छ तथा कम लागत वाली बेहतर प्राकृतिक गैस की भारत में आपूर्ति कर सकेगी। जेंटल ने कहा कि भारत में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ने से भारत प्रधानमंत्री के 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा और साथ ही स्वच्छ पर्यावरण में भी योगदान दे सकेगा।