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पेट्रोल-डीजल नहीं होगा जीएसटी में शामिल, रियल एस्टेट को लाने के लिए जेटली ने दिए संकेत

Tue, 06 Feb 2018 01:45 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आम जनता की लंबी मांग को दरकिनार करते हुए पेट्रोल-डीजल को फिलहाल जीएसटी के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा। इन दोनों को जीएसटी में लाने के लिए अभी वक्त लगेगा, क्योंकि कई राज्य इसके लिए सहमत नहीं हैं। इससे आम जनता को अभी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत नहीं मिलेगी। 
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पहले शामिल होगा रियल एस्टेट, नेचुरल गैस
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राज्य इस वक्त पेट्रोल तथा डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों पर तत्काल कोई नया अप्रत्यक्ष कर लगाने से इनकार किया। इसलिए पहले रियल एस्टेट और नेचुरल गैस को इसमें शामिल किया जाएगा।  

इसके अलावा जेटली ने कहा कि, कॉरपोरेट कर की दर को वादे के मुताबिक 25 फीसदी पर तभी लाया जा सकता है, जब उद्योग को दी गई सभी रियायतें खत्म हो जाएंगी। बीते साल एक जुलाई को लागू किए गए जीएसटी के दायरे से रियल एस्टेट, कच्चा तेल, जेट ईंधन या एटीएफ, प्राकृतिक गैस, डीजल तथा पेट्रोल को बाहर रखा गया था।
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जेटली ने कहा कि शराब को भी पेट्रोल-डीजल की तरह जल्द ही जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि, जीएसटी को लेकर अब कोई उठापटक नहीं हैं। चीजें सामान्य हो चुकी हैं। अब लगभग हर बैठक में हम शुल्क को युक्तिसंगत बनाने में कामयाब हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि फिलहाल देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले तीन साल के उच्चतम स्तर पर हैं, जिसे लेकर केंद्र सरकार आलोचना झेल रही है।

संभव नहीं पेट्रोल-डीजल को 28 फीसदी पर बेचना
जानकारों का मानना है कि अगर पेट्रोल और डीजल पर भी यदि जीएसटी लागू कर दिया जाए तो स्थितियां खासी बदल सकती हैं। वहीं, वित्त सचिव हंसमुख अढिया ने साफ कर दिया कि राजस्व केंद्र और राज्य दोनों के लिए जरूरी है, इसलिए 28 फीसदी जीएसटी लगाकर पेट्रोल-डीजल बेचना संभव नहीं है।
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