गुजरात में पेट्रोल-डीजल के दाम अन्य राज्यों के मुकाबले 3 रुपये प्रति लीटर तक सस्ते हो गए हैं। केंद्र सरकार की अपील पर गुजरात सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट की दरों में चार फीसदी की कटौती कर दी है।
इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा अब सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटा दिया है। रुपानी ने कहा कि वैट घटने से पेट्रोल की कीमतों में जहां 2.93 रुपये प्रति लीटर की कमी आ गई है, वहीं डीजल के दाम 2.72 रुपये प्रति लीटर कम हो गए हैं। नए रेट तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
We are cutting down VAT on fuel by 4%; price of petrol to come down by Rs 2.93, diesel by Rs 2.72: Gujarat CM Vijay Rupani pic.twitter.com/R7JSfjZXoe
— ANI (@ANI) October 10, 2017
पढ़ें- इन राज्यों में हो सकता है पेट्रोल-डीजल सस्ता, वैट दर में कटौती की तैयारी
गुजरात में होने वाले हैं चुनाव
गुजरात में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरों में कटौती करने से जहां लोगों को राहत मिलेगी, वहीं विपक्षी दल इसे एक तरह का चुनावी स्टंट मान रहे हैं।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ईंधन पर टैक्स घटाने को लेकर एक पत्र लिखा था। गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकारें 25 से 49 फीसदी तक वैट वसूलती हैं।वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि वह केंद्र सरकार की इस अपील पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों को दिवाली के मौके पर ये गिफ्ट दे सकते हैं।
शिवराज ये कह चुके हैं कि वे पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली वैट दर का 5 फीसदी कम करने पर गंभीर विचार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के राज्य वित्तमंत्री जयंत मलाइया ने कहा कि वे जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे और वेट दर की कटौती का वहां जिक्र भी करेंगे।
हालांकि, दर कम करने पर विचार कर रहे सभी बीजेपी शासित प्रदेश हैं, लेकिन हरियाणा इसके पक्ष में नहीं दिख रहा है। हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि राज्य ने पहले वैट दर को कम किया हुआ है। साथ ही सरकार जीएसटी को ध्यान में रखकर ही कदम उठाएगी।
केरल का कहना है कि कटौती नहीं की जा सकती, वहीं ओडिशा का मानना है कि ये फैसला कारगर नहीं है। केरल के वित्तमंत्री थॉमस इसाक का कहना है कि राज्य पर पहले ही जीएसटी की मार पड़ रही है, ऐसे में वे वैट दर में कटौती नहीं कर सकते।