आर्थिक संकट के दौर में जोखिम को देखते हुए बैंक या अन्य वित्तीय कंपनियां लोन देने से बच रही हैं। हालांकि, अगर आपके पास कोई संपत्ति है तो उसके एवज में आसानी से लोन मिल सकता है। इन संपत्तियों में आपकी कार भी शामिल है। इसके बदले आसानी से और सस्ते ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। दरअसल, बैंक या वित्तीय कंपनियां कार के बदले लोन देने से पहले वेरिफिकेशन करती हैं। इसके बाद आपकी कार की वैल्यूएशन होती है। इसके आधार पर लोन की रकम तय होती है। इसका मतलब है कि आपकी कार की कीमत जितनी ज्यादा होगी, लोन उतना ही अधिक मिलेगा। बैंक आपकी कार की कीमत का 50 से लेकर 150 फीसदी तक लोन देते हैं। हालांकि, यह बैंकों और वित्तीय कंपनियों के हिसाब से ऊपर-नीचे होता रहता है।
यह पर्सनल लोन के मुकाबले सस्ता होता है। निजी बैंक ऐसे लोन पर सालाना 13.75 से 17%, जबकि सरकारी बैंक 14.8 से 16.8% ब्याज वसूलते हैं। वहीं, इस समय पर्सनल लोन पर ब्याज दर 10.50 से 30% तक है। इसके अलावा, कार के बदले लोन की अविध भी दो साल तक ज्यादा होती है।
इस लोन के लिए आवेदक को अपनी कार से जुडी जानकारियां बतानी होंगी। बैंक या वित्तीय कंपनी की वेबसाइट पर आवेदक को लोन आवेदन फॉर्म मिलेगा। उसमें कार की कंपनी, मॉडल, मैन्युफैक्चरिंग साल और लोन लेने के कारण जैसी विभिन्न जानकारियां भरनी होंगी। यह फॉर्म भरकर जमा करने के बाद बैंक या वित्तीय कंपनी के प्रतिनिधि को इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज देने होंगे। आवेदन फॉर्म के साथ बैंक डिटेल, दो-तीन साल के आयकर रिटर्न की कॉपी और बैंक स्टेटमेंट देने होंगे। केवाईसी के लिए पहचान पत्र और निवास प्रमाणपत्र की भी जरूरत पड़ेगी। सभी दस्तावेज जमा होने के बाद ही वेरिफिकेशन एवं वैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होती है।
सामान्य तौर पर आप अपनी किसी संपत्ति के बदले तभी लोन लेते हैं, जब बिना कोलैटेरल लोन नहीं मिल रहा है। ऐसी संपत्तियों में आपकी कार भी शामिल है। हालांकि, आपको यह लोन तभी मिलेगा, जब आपने कार लोन की 9 ईएमआई चुका दी हो। कार लोन की ईएमआई नियमित चुकाने पर बैंकों आपको कार के बदले प्री-अप्रूव्ड लोन भी ऑफर करते हैं। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंकबाजार