आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त रखी थी, लेकिन उसके बाद भी यदि आप आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि थोड़ा पैसा खर्च करके अभी भी आप रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
देर से आईटीआर भरने पर आपको जुर्माना देना पड़ेगा। आयकरदाता आज-कल टालने की आदत से अंतिम समय तक रिटर्न नहीं भरते और बाद में विभाग की साइट पर तकनीकी दिक्कत या दस्तावेज की कमी से तय समय में आईटीआर नहीं भर पाते। सीबीडीटी के अनुसार, व्यक्तिगत आयकरदाता, नौकरीपेशा, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और जिन लोगों के खातों की ऑडिटिंग की जरूरत नहीं है, उन्हें 31 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करना था।
लगेगा इतना जुर्माना
समयसीमा के बाद आईटीआर फाइल करने पर जुर्माना लगेगा। 31 अगस्त 2019 के बाद लेकिन 31 दिसंबर 2019 से पहले आईटीआर फाइल करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं एक जनवरी से 31 मार्च 2020 तक आईटीआर फाइल करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। छोटे टेक्सपैयर्स के लिए जुर्माना एक हजार रुपये है।
ऐसी कंपनियां, फर्म का वर्किंग पार्टनर, इंडिविजुअल या अन्य एंटिटी जिनके अकाउंट्स की ऑडिटिंग जरूरी है, उनके लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। वहीं ऐसे असेसीज जिन्हें सेक्शन 92ई के तहत रिपोर्ट देनी होती है, उनके लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर है। बता दें कि सेक्शन 92ई के तहत रिपोर्ट तब जमा कराना पड़ता है जब टैक्सपेयर ने संबंधित वित्त वर्ष में दूसरे देश से लेनदेन किया है।