त्योहारी सीजन में भारी डिस्काउंट और ऑफरों ने प्रॉपर्टी बाजार में हलचल मचा दी है। होम लोन की ब्याज दरों में कुछ कमी आने के बाद कई बैंक भी प्रोसेसिंग फीस में छूट दे रहे हैं।
रीयल एस्टेट डेवलपर महंगे गिफ्ट और विदेशी यात्रा जैसे ऑफर के अलावा सीधे रेट में छूट देकर खरीदरों को लुभाने में जुटे हैं। डेवलपरों पर जमा इंवेंट्री (पुराने प्रोजेक्ट) निकालने का दबाव बढ़ रहा है। इस तरह खरीदारों के लिए यह प्रॉपर्टी रेट में मोलभाव करने का यह अच्छा मौका है।
6 लाख से ज्यादा मकान बिकने के लिए तैयार
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की टेक्निकल एडवाइजरी सर्विस के नेशनल हेड नवीन गर्ग का कहना है कि वर्ष 2008 की मंदी के बाद जब 2010 में बाजार सुधरा, तो नए प्रोजेक्टों की बाढ़ आ गई थी। तब से इंवेट्री बढ़ती गई।
फिलहाल देश में करीब 6 लाख से ज्यादा मकान बिना बिके पड़े हैं। हाल के महीनों में बाजार का माहौल कुछ सुधरा है, ब्याज दरें भी कुछ कम हुई हैं। इसलिए डेवलपरों को फेस्टिवल सीजन से बहुत उम्मीदें हैं। गर्ग का मानना है कि डेवलपर अभी रेट घटाने के मूड में नहीं हैं, लेकिन ऐसे ऑफर जरूर दे रहे हैं जो खरीदारों को वाकई फायदेमंद लगें। कुल मिलाकर यह खरीदारों के लिए मोलभाव का अच्छा मौका है।
महंगे गिफ्ट और विदेश यात्रा
ऑफरों की खास बात यह है कि नामी डेवलपरों के अलावा छोटे डेवलपर भी लुभावनी पेशकश करने में पीछे नहीं हैं। अकेले एनसीआर में करीब 50 से ज्यादा हाउसिंग प्रोजेक्टों पर ऑफर दिए जा रहे हैं। इनमें एनएच-24, ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन और राजनगर एक्सटेंशन के प्रोजेक्ट्स की तादाद सबसे ज्यादा है।
महंगे गिफ्ट और विदेश यात्रा के अलावा कई डेवलपर रेट में सीधे 5-10 फीसदी की छूट भी दे रहे हैं। रीयल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म जेएलएल इंडिया के रिसर्च हेड आशुतोष लिमये का कहना है कि यह फेस्टिवल सीजन डेवलपरों के लिए बिक्री बढ़ाने का आखिरी मौका है। इस दौरान भी बिक्री नहीं बढ़ी, तो रेट घटाने का दबाव बढ़ जाएगा।
लिमये का मानना है कि इस वक्त रेट को लेकर बिल्डरों का रुख कुछ नरम है। उनकी कोशिश ज्यादा से ज्यादा सौदों को फाइनल करने में है।