दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की सुविधाएं लेने के लिए मंगलवार से आधार कार्ड नंबर अनिवार्य कर दिया गया। इसे लेकर विभाग की जिला उपायुक्त कार्यालयों में नए फॉर्म दिए गए। पहले दिन आवेदन करने आए लोग आधार कार्ड नंबर और पंजीकरण को लेकर दुविधा में दिखे।
राजस्व विभाग में संपत्ति की रजिस्ट्री करानी हो, शादी का पंजीकरण प्रमाण पत्र बनवाना हो, बिना आधार कार्ड नंबर के आवेदन नहीं लिया जाएगा। जानकारी के अभाव में जब लोग मंगलवार को कार्यालय पहुंचे तो उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ी। वे बिना आधार कार्ड के कार्यालय पहुंच गए थे। कई लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
आवेदन करने वालों में ऐसे लोग, जिन्होंने अभी तक पंजीकरण भी नहीं कराया था। इसके लिए विभाग की ओर से सभी जिला उपायुक्त कार्यालयों में आधार पंजीकरण केंद्र भी बनाया गया था। साथ ही लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए हेल्प डेस्क पर जानकारी दी जा रही थी। जिसके पास पंजीकरण कराने के बाद आधार कार्ड नहीं आया, उसे आवेदन फार्म में पंजीकरण नंबर भरने की सहूलियत दी गई।
उल्लेखनीय है कि कि दिल्ली की आबादी 1.67 करोड़ है। इसमें से अभी 10 फीसदी से ज्यादा लोगों का आधार पंजीकरण नहीं है। करीब 20 लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण कराने के बाद भी आधार कार्ड नहीं आया है। राजस्व विभाग अधिकारियों के मुताबिक जिनका पंजीकरण नहीं है, उसके लिए पंजीकरण केंद्र खुले हैं।