देश के प्रमुख निजी बैंकों में से एक आईसीआईसीआई के करीब 30 हजार क्रेडिट कार्ड ग्राहकों का डाटा चोरी कर लिया गया। इनमें से ज्यादातर पीड़ित दिल्ली और एनसीआर के बताए जा रहे हैं।
चुराए गए डाटा की मदद से अब तक करीब साढ़े तीन हजार लोगों से करोड़ों की ठगी भी हो चुकी है।
बड़े पैमाने पर जारी इस ठगी में दिल्ली पुलिस ने मुंबई से एक आरोपी को दबोचा है। फिलहाल पुलिस को बैंक में काम करने वाले युवक और उसकी महिला मित्र की तलाश है।
नई दिल्ली जिला डीसीपी एसबीएस त्यागी ने बताया कि आरोपी आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा चोरी कर ठगी कर रहे थे।
पुलिस ने बैंक को डाटा चोरी होने की सूचना दे दी है। पुलिस के अनुसार, अभया श्रीवास्तव नामक महिला ने क्रेडिट कार्ड ठगी की शिकायत कनॉट प्लेस थाने में तीन अप्रैल को दर्ज कराई थी।
शिकायत में कहा गया था कि किसी ने उसे आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बनकर फोन किया और कहा कि उसके क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की गई है।
जब अभया ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बात से इंकार किया तो फोन करने वाले शख्स ने कहा कि वह क्रेडिट कार्ड की पूरी डिटेल समेत ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बता दें।
ओटीपी बताये जाने के कुछ देर बात ही अभया के मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से करीब 45 हजार रुपये खर्च किए जाने के मैसेज आने लगे।
इस शिकायत पर कनॉट प्लेस थानाध्यक्ष सुनील कुमार की देखरेख में एसआई लव अन्ने और सिपाही विक्रम राठी की टीम ने तफ्तीश शुरू की। मामले में महाराष्ट्र के बोइसर से राजू तेवर (32) को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी ने खुलासा किया है कि उसका साथी जाकिर बैंक में काम करता था। जाकिर की महिला मित्र ने उसे ये डाटा दिया। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बैंक सतर्क, ग्राहक रहें सावधान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक उन ग्राहकों का पता कर रहा है, जिनका डाटा चोरी हुआ है। अधिकारियों ने ग्राहकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।