अगर आपने अभी तक अपना आयकर रिटर्न नहीं भरा है, तो फिर 31 दिसंबर से पहले इसको दाखिल करके कम से कम पांच हजार रुपये का जुर्माना बचा सकते हैं। गौरतलब है कि असेसमेंट ईयर 2019-20 और वित्त वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी।
सरकार के तमाम प्रयासों से इस बार 31 अगस्त तक रिकॉर्ड संख्या में करदाताओं ने रिटर्न भरा है, लेकिन इसमें से एक तिहाई से भी ज्यादा करदाताओं ने रिटर्न फॉर्म को सत्यापित नहीं कराया है। ऐसे फॉर्म को आयकर विभाग निरस्त कर सकता है और इस पर रिफंड का भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
आयकर विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार तय तिथि तक रिकॉर्ड 5.65 करोड़ लोगों ने रिटर्न दाखिल किया है। इनमें से महज 3.61 करोड़ ने ही अपने रिटर्न को सत्यापित कराया, जबकि 2.04 करोड़ लोग सत्यापन नहीं कर सके हैं। आयकर कानून के तहत ऐसे में उनका रिटर्न अधूरा माना जाएगा और विभाग इसे रद्द कर सकता है। अगर आपने भी अपना रिटर्न फॉर्म सत्यापित नहीं कराया है, तो जल्द ऑनलाइन या दस्तावेज भेजकर ऑफलाइन तरीके से काम पूरा कर सकते हैं। आयकर विभाग ने ऑनलाइन सत्यापन के लिए अपने पोर्टल पर नई सुविधा शुरू की है, जिसमें लॉग-इन करने की भी जरूरत नहीं है।
सत्यापन के लिए सबसे बेहतर विकल्प आधार ओटीपी है। बशर्ते आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ पंजीकृत किया गया हो। आप विभाग के पोर्टल पर ई-वेरिफिकेशन के विकल्प में आधार ओटीपी का चुनाव करें। आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को डालते ही आईटीआर का सत्यापन हो जाएगा। आप आधार से आईटीआर सत्यापन नहीं करना चाहते हैं तो ईवीसी बनाकर अन्य जानकारियों के साथ भी सत्यापित कर सकते हैं। आयकर विभाग के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा करीब 2.86 करोड़ लोगों ने आधार से ओटीपी के जरिये ही आईटीआर का ऑनलाइन सत्यापन किया है।