कोरोना संकट के दौरान गोल्ड लोन बड़ी मददगार साबित हुआ। इसे देखते हुए आरबीआई ने गोल्ड लोन का एलटीवी (लोन टू वैल्यू) रेश्यो 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया था। इससे सोना गिरवी रखने पर पहले से ज्यादा लोन राशि मिली, लेकिन अब कीमतों में आ रही गिरावट से गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों पर बोझ बढ़ सकता है। दरअसल, पिछले साल अगस्त से अब तक सोने में 21 प्रतिशत गिरावट आई है।
एलटीवी बरकरार रखने के लिए बैंक कर्ज के कुछ हिस्से का भुगतान करने का बना सकते हैं दबाव
7 अगस्त, 2020 को 56,200 रुपये के पार पहुंचने वाला सोना 26 मार्च, 2021 को 44,081 रुपये पर आ गया। इस तरह सोने का दाम 12,119 रुपये घटा है। सोने में जिस तेजी से गिरावट आ रही है, उससे एलटीवी ऊपर जाएगा और लोन पर जोखिम भी बढ़ेगा। ऐसे में बैंक, एनबीएफसी या अन्य वित्तीय संस्थान ग्राहकों को दिए कर्ज के कुछ हिस्से का भुगतान करने या अतिरिक्त कोलैटेरल जमा करने को कह सकते हैं।
ऐसे समझें एलटीवी का गणित
मान लीजिए, अगस्त, 2020 में किसी बैंक ने एक लाख रुपये मूल्य के सोने पर आपको 80 हजार का लोन दिया। इस तरह एलटीवी अनुपात 80 प्रतिशत हुआ। अब दाम घटने से बैंक के पास जमा सोने की कीमत 90 हजार रुपये रह गई, जिससे एलटीवी बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया।
कम हो जाएगी लोन देने की रफ्तार
सोने में तेजी के कारण बैंकों ने हाथ खोलकर गोल्ड लोन दिए। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी, 2021 तक एक साल के दौरान बैंकों के गोल्ड लेने देने की रफ्तार 132 प्रतिशत बढ़ी थी। इससे बैंकों को फायदा हुआ और उनकी लोन बुक बढ़ी। जानकारों का कहना है कि सोने में गिरावट को देखते हुए बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों को गोल्ड लोन देने की नीतियों में फेरदबल करना पड़ सकता है। इसका असर गोल्ड लोन देने की गति पर भी पड़ेगा।
90 फीसदी एलटीवी का लाभ 31 मार्च तक ही
आरबीआई ने अगस्त, 2020 में गोल्ड लोन के लिए अधिकतम एलटीवी रेश्यो बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया था। इसका मतलब है कि आप अपने सोने की कीमत की 90 प्रतिशत राशि लोन के रूप में ले सकते हैं। इस कदम से लोगों को सोना गिरवी रखने पर पहले से ज्यादा लोन राशि मिलने लगी। यह फायदा सिर्फ 31 मार्च, 2021 तक के लिए ही है।
गिरवी रखना पड़ सकता है और सोना
सोने की कीमतों में उच्च स्तर से 12,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। इसका असर बैंकों की मार्जिन पर पड़ेगा, जिन्होंने सोना गिरवी रख कर्ज दिया है। ऐसे में बैंक एलटीवी बनाए रखने के लिए ग्राहकों से अतिरिक्त कोलैटेरल या कर्ज के कुछ हिस्से का भुगतान करने के लिए कह सकते हैं।
-अजय केडिया एमडी, केडिया एडवाइजरी