अगर आप होम लेने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं, तो फिर आपको ज्यादा ब्याज नहीं देना होगा लेकिन इसके लिए एक शर्त को पूरा करना पड़ेगा। अब आप इसे 3.99 फीसदी की दर पर ले सकते हैं। देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार टाटा ग्रुप की रियल एस्टेट फर्म टाटा हाउसिंग ने इस तरह की स्कीम को लॉन्च किया है।
पूरी करनी होगी ये शर्त
टाटा हाउसिंग ने कहा है कि इस इंटेरेस्ट रेट पर लोन केवल उन लोगों को मिलेगा, जो ग्रुप के 11 प्रोजेक्ट में निवेश करेगा। टाटा हाउसिंग ने इंडियाबुल्स के साथ मिलकर के यह पार्टनरशिप की है। दोनों कंपनियों ने इस स्कीम को मोनेटाइज इंडिया का नाम दिया है। केवल पांच साल के लिए इस स्कीम के तहत 3.99 फीसदी रेट पर इंटरेस्ट दिया जाएगा।
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अप्लाई करने के लिए एक महीने का समय
टाटा हाउसिंग ने कहा कि इस स्कीम का लाभ केवल सीमित समय के लिए मिलेगा। यह स्कीम केवल एक महीने के लिए ही मान्य है। 11 नवंबर से लेकर के 12 दिसंबर तक चलेगी। टाटा हाउसिंग के यह प्रोजेक्ट केवल 7 शहरों मे चल रहे हैं। अभी देश भर में होम लोन की सबसे कम ब्याज दर 8.5 है।
जीएसटी और रेरा ने बिगाड़ा हुआ है बिजनेस
रियल एस्टेट सेक्टर पिछले एक साल से मंदी के दौर से गुजर रहा है। पहले नोटबंदी, फिर रेरा एक्ट और इसके बाद लागू हुए जीएसटी के कारण फ्लैट न के बराबर बिक रहे हैं। फिलहाल होम लोन रेट और प्रॉपर्टी के दाम कम होने के बावजूद भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता को छोड़कर के देश के आठ प्रमुख रियल इस्टेट मार्केट में प्रॉपर्टी के दाम काफी गिर गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर में 2014 से रेट काफी गिर गए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी बिल्डर्स अपने पुराने प्रोजेक्ट ही पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
इस वजह से कई बिल्डर नई-नई स्कीम लेकर के आ रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा उनके प्रोजेक्ट में निवेश करें, जिससे कैश का इनफ्लो बना रहे। हालांकि अभी भी प्रोजेक्ट्स को लेकर के लोगों में नोटबंदी के बाद से वो उत्साह नहीं दिख रहा है, जितना पहले था। जीएसटी के बाद सरकार ने पहले से बन रहे और नए प्रोजेक्ट्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया है।
रेरा के लागू होने के बाद से बिल्डरों पर भी पुराने लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का दबाव काफी बढ़ गया है। लेकिन अभी भी कई बिल्डरों के पास इतना पैसा नहीं है कि वो प्रोजेक्ट को पूरा कर सकें।
दो-तीन साल में आएगी बहार
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी दिल्ली एनसीआर में अकेले 1.8 लाख फ्लैट बिना बिके पड़े हुए हैं। बिल्डरों को एक फ्लैट बेचने में 8 साल से ज्यादा का समय लग रहा है। इसके अभी हाल-फिलहाल अच्छा होने की उम्मीद नहीं है और 2-3 साल का वक्त और लगेगा।
इन शहरों में अभी भी बढ़ रहे हैं प्रॉपर्टी के दाम
रिपोर्ट के मुताबिक देश के ऐसे शहर हैं, जहां पर प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। इन शहरों में हैदराबाद, मुंबई, बंगलुरू, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे शामिल हैं। अकेले हैदराबाद में जहां 2014 में रेट 3390 था, वो 2017 के पहले छह महीनों में 3710 पहुंच गया है।