देश में जीवन बीमा कारोबार को व्यापक बनाने और बीमा पॉलिसी को निवेशकों के लिए पहले से ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए सरकार बीमा सेक्टर के लिए जल्द ही नए कर प्रोत्साहन की घोषणा कर सकती है। साथ ही निवेशकों के लिए भी सरकार बीमा प्रीमियम सस्ता करने की योजना पर काम कर रही है।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) सहित राजस्व विभाग से कहा है कि वह इस दिशा में मिले विभिन्न सुझावों की 10 अक्तूबर तक समीक्षा कर सुझाव दें, जिससे कि उसके बाद इस संबंध में नए नियमों की घोषणा की जा सके।
मंत्रालय जीवन बीमा को प्रोत्साहित करने के लिए पहले वर्ष के प्रीमियम को सेवाकर से मुक्त करने तथा कुछ और जीवन बीमा पॉलिसियों को कर छूट के दायरे में लाने पर विचार कर रहा है। सोमवार को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जीवन बीमा सेक्टर के लिए रिवाइवल पैकेज की घोषणा करते हुए कई कदम उठाने को कहा है।
इसके तहत एन्युटी प्लान को पेंशन के समान दर्जा देने और पेंशन पॉलिसी के तहत आयकर विभाग मौजूदा एक लाख रुपये तक आयकर छूट की सीमा के अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान कर सकता है। इसी तरह एजेंट को मिलने वाले कमीशन पर वित्त मंत्रालय ने संचयी कमीशन की सीमा 50,000 रुपये से ज्यादा होने पर टीडीएस का प्रावधान करने की बात कही है।
मंत्रालय ने इसके अलावा कंपनियों को नए उत्पाद लाने पर भी राहत देने की बात कही है। मंत्रालय ने इरडा से कहा है कि वह फाइल एंड यूज सिस्टम को लागू करे। यानी कंपनियां कुछ शर्तों के साथ नए उत्पाद इरडा की औपचारिक मंजूरी के बगैर बाजार में ला सकती हैं। इसके अलावा इरडा उत्पाद को 30 दिन के अंदर मंजूरी मिलने के लिए नए नियम लाने पर भी विचार करेगा।
बैंकिंग सेक्टर में बीमा कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकों को एजेंट की जगह ब्रोकर के रूप में मान्यता देने के लिए नियमों में भी बदलाव किया जाएगा, जससे कि वह एक बीमा कंपनी से अधिक की सेवाएं उपलब्ध करा सकें । फिलहाल बैंकों को केवल एक बीमा कंपनी की सेवाएं मुहैया कराने की अनुमति है।
सभी बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट को माइक्रो इंश्योरेंस उत्पादों की बिक्री का अधिकार दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी कंपनियों को भी अनुमति देने की बात कही है। जिस संबंध में इरडा जल्द ही नियमों की घोषणा करेगा।
प्रमुख सुझाव
1- पहले साल के प्रीमियम को सेवाकर से मुक्त करने तथा कुछ और जीवन बीमा पॉलिसियों को कर छूट के दायरे में लाने पर विचार।
2- एन्युटी प्लान को पेंशन के समान दर्जा देने की बात।
3- पेंशन पॉलिसी के तहत आयकर विभाग मौजूदा एक लाख रुपये तक आयकर छूट की सीमा के अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान कर सकता है।
4- कंपनियां कुछ शर्तों के साथ नए उत्पाद इरडा की औपचारिक मंजूरी के बगैर बाजार में ला सकेंगी।
5- उत्पाद को 30 दिन के अंदर मंजूरी मिलने के लिए नए नियम लाने पर भी विचार करेगा।
6- स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी कंपनियों को भी अनुमति।
7- सभी बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट को माइक्रो इंश्योरेंस उत्पादों की बिक्री का अधिकार दिए जाने पर विचार।