फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे जीवन सुखमय बनाएगी रिटायरमेंट प्लानिंग

Mon, 23 Sep 2013 01:05 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे दौर में जब सरकारी नौकरियों में भी पेंशन की सरकारी सुरक्षा बरकरार नहीं रह गई है, नया पेंशन कानून नौकरीपेशा से लेकर सभी वर्गों के लिए ढलती उम्र में एक सुनिश्चित आय हासिल करने की राह खोल सकता है। यह बेहद जरूरी है कि सभी तरह के लोग पेंशन स्कीम से जुड़कर अपने बुढ़ापे की लाठी तैयार कर लें।
विज्ञापन


सुनिश्चित रिटर्न की मिलेगी गारंटी
न्यू पेंशन स्कीम के तहत सरकारी और निजी कर्मचारियों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर कोई भी व्यक्ति पेंशन फंड में निवेश कर सकेगा। साथ ही नए कानून के बाद ग्राहकों को ऐसे भी पेंशन उत्पाद मिलेंगे, जिस पर न्यूनतम रिटर्न मिलने की भी गारंटी होगी।

अपना पैसा डॉट कॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा के अनुसार नए पेंशन कानून की अहम बात यह है कि ग्राहकों को अपने निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न मिलेगा। ऐसे में कम जोखिम लेने वाले ग्राहक भी पेंशन उत्पाद के लिए प्रोत्साहित होंगे। साथ ही ग्राहकों को टैक्स छूट का भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


रिटायरमेंट से पहले निकाल सकेंगे रकम
वर्तमान कानून के तहत रिटायरमेंट के पहले मूल निवेश को नहीं निकाला जा सकता है। केवल निवेश पर मिलने वाले ब्याज को शर्तों के साथ निकालने की अनुमति थी, पर नए कानून के तहत निवेशकों को शर्तों के आधार पर रिटायरमेंट की उम्र के पहले ही पूंजी निकालने का मौका मिलेगा।

इस मामले में रूंगटा कहते हैं कि इस विकल्प पर ग्राहकों को सावधानी पूर्वक फैसला करना होगा। यानी बेहद जरूरी होने पर ही रकम निकाले का फैसला करना चाहिए, जिससे कि पेंशन उत्पाद का उद्देश्य पूरा हो सके।

पीएफआरडीए को मिली ताकत
पेंशन क्षेत्र के नियामक पेंशन फंड डेवलपमेंट रेगुलेटरी अथॉरिटी (पीएफआरडीए) को नए कानून से अब वैधानिक दर्जा मिल गया है।

यानी अब देश में पेंशन उत्पाद देने वाली कंपनियों पर पीएफआरडीए की नजर रहेगी, बल्कि लापरवाही व नियमों के उल्लंघन के मामलों में कंपनियों के खिलाफ वह आरबीआई, इरडा की तरह कार्रवाई कर सकेगा।

इक्विटी, डेट में निवेश करने का विकल्प
ग्राहकों को पेंशन स्कीम के तहत न्यूनतम रिटर्न देने वाले उत्पाद के साथ-साथ इक्विटी, डेट में निवेश करने का विकल्प मिलेगा। निवेश करते वक्त ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि इक्विटी में निवेश हमेशा डेट में निवेश करने की तुलना में जोखिम भरा होगा।

यदि आपने इक्विटी में निवेश किया है, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का आपके पेंशन रिटर्न पर भी असर होगा। दूसरी ओर डेट में सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश कर आप ज्यादा सुरक्षित निवेश कर सकेंगे। हालांकि इसमें रिटर्न सामान्यत: इक्विटी निवेश से कम ही रहता है।

एफडीआई से बाजार में आएंगे नए उत्पाद
पेंशन क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को बीमा क्षेत्र से जोड़ दिया गया है। यानी जितनी एफडीआई सीमा बीमा क्षेत्र में बढ़ाई जाएगी, पेंशन क्षेत्र में अपने आप उतनी सीमा बढ़ जाएगी।

अभी बीमा क्षेत्र में 26 फीसदी एफडीआई की सीमा तय है। ऐसे में सेक्टर में विदेशी कंपनियां संयुक्त उपक्रम के साथ आएंगी। ग्राहकों को इसका लाभ रिटायमेंट के कई नए उत्पादों के रूप में मिलेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें