नौकरियों में अब पेंशन का नियम खत्म हो गया है, जिससे वेतनभोगी को अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग खुद करनी पड़ती है। आप भी रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं तो कोई भी निवेश महंगाई को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए, जिससे रिटायरमेंट के बाद आपके खर्चे पूरे करने के लिए पर्याप्त पैसा मिलता रहे। प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट...
पॉलिसी बाजार डॉट कॉम के हेड-इंवेस्टमेंट (लाइफ इंश्योरेंस) विवेक जैन ने बताया कि रिटायरमेंट की प्लानिंग जितनी जल्द बनाई जाती है निवेश के लिए बोझ उतना ही कम हो जाता है। इसमें आपको मंगाई दर का भी ध्यान रखना होता है। मान लीजिए, आज किसी उत्पाद की कीमत 50 रुपये है, तो 7% सालाना महंगाई दर से इसी उत्पाद की कीमत 30 साल में 382 रुपये हो जाएगी। एक आसान नियम है कि व्यक्ति को रिटायरमेंट के बाद बेहतर जीवन के लिए अपनी रिटायरमेंट से पहले की आय का 70 से 80% रकम चाहिए। मान लीजिए, किसी ने 35 साल की उम्र में 10 हजार रुपये महीने रिटायरमेंट के लिए निवेश करना शुरू किया। ये रकम कम जोखिम वाली एफडी में लगी है तो सालाना 7-8% रिटर्न के साथ लगभग 1 करोड़ की राशि तैयार होगी, जो 64 हजार रुपये महीने देगी।
जीवन बीमा का यूलिप प्लान अच्छा विकल्प
60 साल की उम्र तक अपने पास 5 करोड़ तक जमा पूंजी की उम्मीद रखते हैं, तो यूलिप में 30 साल की उम्र से 60 साल तक हर महीने 15,000 निवेश करें। बजाज एलायंज लाइफ इंश्योरेंस की गोल इंश्योरेंस पॉलिसी ने सात साल में 15.1% और एडलवीस टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस की वेल्थ सिक्योर पॉलिसी ने 14.6% रिटर्न दिया है। एचडीएफसी लाइफ क्लिक टू वेल्थ, मैक्स लाइफ ऑनलाइन सेविंग प्लान और एसबीआई लाइफ के ई-इंश्योरेंस ने भी बेहतर रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड...बेहद कारगर
लंबी अवधि वाले म्यूचुअल फंड में निवेश समझदारी है। मिराए एसेट इमर्जिंग ब्लूचिप फंड ने 5 साल में 9.44% का रिटर्न दिया है। अगर इसमें 2 लाख रुपये 5 साल के लिए निवेश किए तो 3,13,986.1 लाख का फंड तैयार होगा। कोटक स्टैंडर्ड मल्टीकैप ने भी 7 साल में 12.19% रिटर्न और एसबीआई स्मॉलकैप ने 5 साल में 8.04% रिटर्न दिया है।
एनपीएस : कर बचत...सुरक्षित भविष्य
एनपीएस में कोई जोखिम नहीं है। इसमें 50 हजार सालाना के निवेश पर टैक्स छूट भी मिलती है। अलग-अलग योजनाओं में रिटर्न भी 8-9% के बीच है। किसी ने 6,700 रुपये महीने से एनपीएस में निवेश शुरू किया है और उसे 8% का सालाना ब्याज मिलता है तो 30 साल बाद 1 करोड़ रुपये का फंड हो जाएगा।
एक विकल्प पर निर्भर न रहें...
रिटायरमेंट की प्लानिंग लंबे समय के लिए होती है। इसलिए जरूरी है कि आय और खर्चे का आकलन सोच समझकर करें। एक ही तरह के विकल्प पर निर्भर न रहें। ईपीएफ, पीपीएफ, एनपीएस के अलावा एफडी, इक्विटी और म्यूचुअल फंड से भी ज्यादा रिटर्न ले सकते हैं। बेहतर हेल्थ पॉलिसी भी स्वास्थ्य खर्चे घटाकर आपकी बचत में बड़ी भागीदारी निभा सकती है। -सुनील मेहता, निवेश सलाहकार, एसपीएमआर एसोसिएट्स