एफडी व अन्य बचत योजनाओं पर घटती ब्याज दरों और बढ़ती महंगाई ने निवेशकों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। ज्यादा ब्याज के लिए बाजार का रुख करते हैं, तो वहां जारी अनिश्चितता निवेश पर जोखिम बढ़ा सकती है। ऐसे में सुरक्षा के साथ महंगाई को मात देने वाले विकल्पों की तलाश है तो ऐसे ही कुछ निवेश की जानकारी दे रही प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट...
यहां निवेश पर रिटर्न की गारंटी
वीपीएफ
कर्मचारी भविष्य निधि योजना (ईपीएफ) से जुड़ा विकल्प होता है वाल्यूटरी प्रोविडेंट फंड, जिस पर 8.50 प्रतिशत का समान ब्याज भी मिल रहा है। हालांकि, इस साल से योजना पर अधिकतम 2.5 लाख रुपये सालाना निवेश पर ही टैक्स छूट सीमा तय हो गई है, फिर भी इसमें निवेश कर बड़ा रिटर्न लिया जा सकता है।
आरबीआई बांड
रिजर्व बैंक की ओर से जारी किए जाने वाले टैक्स बचत बांड पर अभी 6.8 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है, जो बदलती रहती है। इसकी ब्याज दर एनएससी पर निर्भर करती है और इसमें बढ़ोतरी होने पर बांड का रिटर्न भी बढ़ जाता है। इस पर भी टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
राष्ट्रीय बचत पत्र
इसकी ब्याज देने रेपो रेट पर आधारित होती हैं। अभी रेपो रेट 4 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर है और भविष्य में इसके बढ़ने की उम्मीद ज्यादा है। ऐसा होने पर आने वाले समय में एनएससी का ब्याज भी बढ़ेगा, जो फिलहाल 6.80 प्रतिशत है। इस पर टैक्स छूट भी मिलती है।
वरिष्ठ नागरिकों की विशेष योजना
60 साल से ज्यादा उम्र वाले निवेशकों के लिए सरकार दो विकल्प देती है। प्रधानमंत्री वय वंदन योजना, जिसमें अभी 7.40 प्रतिशत रिटर्न दिया जाता है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर भी 7.40 प्रतिशत कर मुक्त ब्याज मिलता है। इसमें सालाना 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है।