आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। रेपो दर को 4 फीसदी पर पूर्ववत रखा गया है। लेकिन इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने विभिन्न अवधि के लिए अपने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.30 फीसदी तक की कटौती की।
इतनी की कटौती
केनरा बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि एक दिन और एक महीने की उधारी दरों में 0.20 फीसदी की कमी कर इसे सात फीसदी कर दिया गया है। तीन महीने की एमसीएलआर को 7.45 फीसदी से घटाकर 7.15 फीसदी कर दिया गया है। बैंक ने बताया कि छह महीने के एमसीएलआर को 7.50 फीसदी से घटाकर 7.40 फीसदी कर दिया गया है। एक साल के लिए एमसीएलआर को 7.55 फीसदी से कम करके 7.45 फीसदी कर दिया गया है।
इस तारीख से लागू होंगी नई दरें
केनरा बैंक ने कहा कि संशोधित उधारी दरें सात अगस्त से लागू होंगी। एमसीएलआर में कमी से कर्जदारों का बोझ कम होगा। मालूम हो कि केंद्रीय बैंक ने उदार रुख बनाए रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद कहा कि प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा गया है। उन्होंने कोविड-19 संकट से पीड़ित अर्थव्यवस्था की मदद के लिए जरूरी होने पर भविष्य में कटौती का संकेत दिया।
इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी 3.35 फीसदी के स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एमपीसी ने ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने के पक्ष में मतदान किया और वृद्धि को समर्थन देने के लिए उदार रुख को जारी रखने की बात कही। आरबीआई ने इससे पहले 22 मई को अपनी नीतिगत दर में संशोधन किया था, जिसके बाद ब्याज दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी।