सोने के बढ़ते आयात पर लगाम लगाने के लिए गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में भारतीय रिजर्व बैंक ने बदलाव किया है। रिजर्व बैंक ने इसके तहत जहां बैंकों को खुद ही स्कीम लांच करने की छूट दे दी है। वहीं स्कीम के तहत सोना रखने की न्यूनतम अवधि भी रिजर्व बैंक ने बढ़ा दी है।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि बैंक अब गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत न्यूनतम सोना रखने की अवधि को तीन माह से बढ़ाकर छह माह कर दें। यानी बैंक के पास सोना जमा करने वाले ग्राहकों को गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत कम से कम छह महीने बैंक के पास सोना रखना होगा। जमाकर्ता अधिकतम सात साल तक बैंक के पास स्कीम के तहत सोना रख सकेंगे।
रिजर्व बैंक ने इसके अलावा बैंकों को यह छूट दे दी है कि उन्हें गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को डिजाइन करने और उसे लांच करने के लिए रिजर्व बैंक से अब अनुमति नहीं लेनी होगी। बैंकों को केवल लांच के बाद स्कीम के बारे जानकारी और स्कीम के तहत सोना लेने वाली बैंक की शाखा के बारे में रिजर्व बैंक को जानकारी देनी होगी। सरकार गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के जरिए देश में बढ़ रहे सोने के आयात पर लगाम लगाना चाहती है।