फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाक विभाग की एक सितंबर से घर तक बैंकिंग सेवा, 31 दिसंबर तक होंगे देश में 1.55 लाख एक्सेस प्वाइंट

Wed, 29 Aug 2018 05:02 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) एक सितंबर से आपको घर तक बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने की शुरुआत करेगा। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि चार लाख खाते खोल चुका आईपीपीबी 650 शाखाओं और 3,250 एक्सेस प्वाइंट से शुरुआत करेगा। जबकि साल के अंत 31 दिसंबर तक 1.55 लाख एक्सेस प्वाइंट शुरू कर दिए जाएंगे, जिनमें से 1.30 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे।
विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के देहावसान की वजह से आईपीपीबी की शुरुआत को 21 अगस्त से एक सितंबर तक के लिए टाल दिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से एक सितंबर को आईपीपीबी की शुरुआत करेंगे। हालांकि इसके पहले शाखाओं का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सांसद, राज्यों के मंत्री, विधायक और जिला पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसके बाद वह वित्तीय समावेश के लिए पीएम की महत्वाकांक्षा का संबोधन सुनेंगे।

सिन्हा ने बताया कि आईपीपीबी में 100 फीसदी हिस्सेदारी सरकार की है। इसमें घर तक 2.60 लाख डाकसेवक और 40 हजार डाकिए लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराएंगे। इसमें आधार के जरिए और क्यूआर कोड कार्ड के जरिए भुगतान होगा।
विज्ञापन


क्यूआरकोड कार्ड में खाता या अन्य नंबर याद रखने की जरूरत ग्राहक को नहीं है। यह बहुत ही सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह से सेंध लगाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने बताया कि आईपीपीबी को बढ़ाने के साथ वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता अभियान भी जारी रहेगा। फिलहाल 18 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और विशेष प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है।
विज्ञापन

खाते की सीमा होगी एक लाख रुपये

सिन्हा ने कहा कि डाकिए और डाकसेवकों को स्मार्टफोन तथा एक मशीन मुहैया कराई जाएगी। इसी के जरिए वह लोगों को घर तक बैंकिंग सुविधा मुहैया कराएंगे। आईपीपीबी खाते की सीमा एक लाख रुपये रखी गई है, जबकि ऋण और बीमा की सुविधा पंजाब नेशनल बैंक तथा बजाज एलियांज के साथ साझेदारी से मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि आईपीपीबी में चालू खाता, बचत खाता, धन हस्तांतरण, डीबीटी, बिल यूटिलिटी, उद्यम एवं व्यापार संबंधी भुगतान की सेवाएं मुहैया करायी जाएंगी। इसमें ग्राहकों को काउंटर सेवा, माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप, एसएमएस और आईवीआर की सेवाएं मिलेंगी।

किसी भी सेवा के लिए शुल्क नहीं

बचत खाते में फिलहाल 4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और किसी भी सेवा के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। सिन्हा ने उम्मीद जताई कि अगले तीन साल में आईपीपीबी एक लाभकारी संस्था का दर्जा हासिल कर लेगा और देश के दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

80 फीसदी अतिक्ति खर्च के लिए कैबिनेट मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को डाक बैंक पर 800 करोड़ रुपये होने वाले खर्च के अलावा प्रौद्योगिकी के लिए 632 करोड़ रुपये और मुहैया कराए जाने की अनुमति दी। इस प्रकार आईपीपीबी पर होने वाला कुल खर्च करीब 80 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,435 करोड़ रुपये हो गया है। अतिरिक्त खर्च में से 400 करोड़ रुपये तकनीक और 232 करोड़ रुपये मानव संसाधन के लिए है।

डाकसेवकों को सीधे कमीशन देगा डाक विभाग

कैबिनेट ने डाक सेवकों को आईपीपीबी के उत्पादों बिक्री और सेवाओं के एवज में कमीशन देने की मंजूरी दी है। मनोज सिन्हा ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आईपीपीबी को सेवाएं देने वाले डाक सेवकों को सीधे 25 प्रतिशत कमीशन मुहैया होगा। जबकि 5 प्रतिशत डाक विभाग लेगा। यह कमीशन ऋण और बीमा उत्पादों की बिक्री समेत अन्य सेवाएं मुहैया कराने पर मिलेगा। डाकिए को भी यह कमीशन उत्पादों की बिक्री पर मिलेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें