एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) खाता खोलने के लिए देशभर में विभिन्न प्वाइंट ऑफ प्रेजेन्स (पीओपी) नियुक्त किए गए हैं, जो कस्टमर सर्विस सेंटर की तरह अपनी सेवाएं देते हैं।
इन पीओपी में कुछ प्रमुख बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इन पीओपी से संपर्क कर आप एनपीएस अकाउंट खोल सकते हैं।
पीओपी पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आपका सेंट्रल रिकॉर्ड कीपींग एजेंसी (सीआरए) पर रजिस्ट्रेशन हो जाता है। इसके बाद आपको परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्राण) जारी कर दिया जाता है।
पेंशन फंड रेग्युलेटर एंड डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) की वेबसाइट www.pfrda.org.in से भी एनपीएस फार्म डाउनलोड कर सकते हैं।
अधिक इक्विटी विकल्प
यह फंड कुल निवेश का 50 फीसदी तक शेयर बाजार में लगा सकता है और बेहतर रिटर्न दे सकता है लेकिन इसमें जोखिम भी है। यह निवेश योजना उन युवा लोगों के लिए ठीक है, जिन्होंने अपना कैरियर शुरू किया है या फिर उम्र के मध्य पड़ाव वाले लोग, जिन पर ज्यादा देनदारी या जिम्मेदारी नहीं है।
औसत जोखिम विकल्प
यह फंड कॉरपोरेट बांड्स और शेयर में निवेश करता है। इसमें थोड़ा कम जोखिम और कम रिटर्न मिलता है। यह उम्र के मध्य पड़ाव पर पहुंच चुके लोगों के लिए उपयुक्त है।
कम जोखिम विकल्प
यह फंड पूरी तरह सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है। इन प्रतिभूतियों पर कोई जोखिम नहीं होता और यह उपर्युक्त योजनाओं के मुकाबले कम रिटर्न देती है।
स्वत: आवंटन विकल्प
अगर आप निवेश करने को लेकर कुछ तय नहीं कर पा रहे हैं, तो सब कुछ स्वत: चयन करने का विकल्प भी अपना सकते हैं। इस विकल्प के जरिए आपके निवेश की 15 फीसदी रकम जाएगी शेयर में, 45 फीसदी कॉरपोरेट बांड में और 40 फीसदी सरकारी बांड में निवेश कर सकते हैं।
समझ लें टैक्स बचत के प्रावधान
आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीडी के तहत वेतनभोगी कर्मचारी सालाना वेतन (बेसिक एवं डीए) का अधिकतम 10 फीसदी एवं सेल्फ एम्प्लायड ग्रॉस टोटल इनकम का अधिकतम 10 फीसदी न्यू पेंशन स्कीम में निवेश कर टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि धारा 80सी, 80 सीसीसी एवं 80 सीसीडी के तहत अधिकतम छूट 1 लाख रुपये तक की ही प्राप्त की जा सकती है।
इस स्कीम में ईईटी के आधार पर टैक्स लगता है, अर्थात जब पैसा निकाला जाता है तो उस पर टैक्स अदा करना होता है, परंतु यदि आप निकाली गई रकम से किसी इंश्योरेंस कंपनी से एन्युटी ले लेते हैं, तो आपको निकाली गई राशि पर टैक्स नहीं देना होगा।