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एनपीएस खाताधारकों को FATCA से मिली राहत, अकाउंट नहीं होगा फ्रीज

Thu, 04 May 2017 05:49 AM IST
amarujala.com - Written By: शिशिर चौरसिया
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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के 1.12 करोड़ खाताधारकों के लिए सुकून भरी खबर है कि फटका के बारे में घोषणा-पत्र नहीं देने पर भी फिलहाल उनका खाता फ्रीज नहीं होगा।
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एनपीएस को देखने वाली एजेंसी पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने इस बारे में केंद्रीय रजिस्ट्री एजेंसियों (सीआरए) को निर्देश दे दिया है। हालांकि यह राहत कब तक के लिए मिली है, इस बारे में तिथि की घोषणा नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फॉरेन अकाउंट टैक्स कंप्लायेंस एक्ट (फटका) के तहत सभी एनपीएस खाताधारकों से घोषणा लेना अनिवार्य कर दिया है और जो ऐसा नहीं करते हैं, उनका खाता 30 अप्रैल, 2017 के बाद फ्रीज करने को कहा है।
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पीएफआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सीबीडीटी का सर्कुलर आने के बाद उन्होंने एनपीएस के सभी सीआरए को निवेशकों या खाताधारकों से फटका के बारे में घोषणा-पत्र लेने को कह दिया था।

इस बारे में सीआरए की तरफ से सभी खाताधारकों को एसएमएस और मेल के जरिए सूचना भी भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक लोगों को फटका के बारे में पता ही नहीं है। लोगों को असुविधा नहीं हो, इसके लिए फिलहाल उनका खाता फ्रीज नहीं करने को कहा गया है। पीएफआरडीए ने इस बारे में नई तिथि की घोषणा करने के लिए सीबीडीटी से अनुरोध भी किया है।

एनपीएस में 1.12 करोड़ से ज्यादा खाते

केंद्र सरकार ने तय किया है कि 2004 या इसके बाद सेवा में आने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को सरकारी पेंशन नहीं बल्कि एनपीएस का लाभ मिलेगा। इसे अधिकतर राज्य सरकारों ने भी अपना लिया है।

अभी तक इसके तहत 51.41 लाख खाते खुल चुके हैं। इसके अलावा अटल पेंशन योजना के तहत भी करीब 50 लाख खाते खुले हैं, जिन्हें एनपीएस के समतुल्य ही माना जाता है।

अब निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों एवं अपना कारोबार करने वालों के लिए भी एनपीएस का दरवाजा खुल गया है। इस श्रेणी में भी अभी तक 10.50 लाख खाते खुल चुके हैं। फटका से संबंधित सर्कुलर आने से इतने खाताधारक परेशान थे।
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क्या है फटका 

सीबीडीटी ने फटका के तहत भारत और अमेरिका के बीच वित्तीय सूचनाओं का स्वत: आदान-प्रदान सुनिश्चित किया है। देश के वित्तीय संस्थानों को यहां की टैक्स अथॉरिटी को सूचनाएं मुहैया करानी पड़ती हैं, जिन्हें अमेरिका से साझा किया जाता है।

फटका को लागू करने के लिए दोनों सरकारों के स्तर पर हुआ यह समझौता (इंटर गवर्नमेंटल अग्रीमेंट या आईजीए) 31 अगस्त, 2015 से लागू हुआ है। वित्तीय संस्थानों को कहा गया है कि वो निश्चित अवधि (जुलाई 2014 से अगस्त 2015) के दौरान खुले खातों के लिए स्व-अभिप्रमाणित (सेल्फ सर्टिफाइड) दस्तावेज जमा करवाएं।

एनपीएस के लिए भी स्व-प्रमाणन जरूरी

एनपीएस में खाता खुलवाने वालों के लिए भी स्व-प्रमाणन का प्रावधान लागू होता है। अगर किसी ने 1 जुलाई, 2014 के बाद एनपीएस खाता खुलवाया है और इसका प्रबंधन एनएसडीएल कर रहा है तो फटका के तहत स्व-प्रमाणन जरूरी है।

ऑनलाइन विकल्प मिलने से तेजी से लोकप्रिय हो रहा एनपीएस

पीएफआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि जबसे एनपीएस के तहत खाते ऑनलाइन खुलने शुरू हुए हैं, तब से इसमें खातेदारों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इस साल तो एनपीएस को कर में भी काफी सहूलियत दी गई है, इसलिए खुद का कारोबार करने वाले भी एनपीएस खाता खोलने के लिए तेजी से आगे आ रहे हैं।
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