इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आधार को पैन से लिंक करना जुलाई से जरूरी कर दिया है। डिपार्टमेंट के इस नियम से कई लोग अपने आधार को पैन से लिंक कराने लगे हैं, क्योंकि उनको लगता है कि ऐसा नहीं करने से उन्हें आगे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
इन लोगों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दी छूट
हालांकि कई लोगों को डिपार्टमेंट ने आधार को पैन से लिंक कराने में छूट दे रखी है। इन लोगों में एनआरआई, भारत आए मेहमान, 80 साल से ज्यादा आयु के लोग शामिल हैं। इसके अलावा आसाम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर राज्य के निवासियों को भी आधार-पैन लिंक कराने की किसी तरह से कोई जरुरत नहीं है। हालांकि यह छूट तब ही मिलेगी, जब इनका आधार कार्ड न बना हो।
जारी किया एक पेज का सिंगल फॉर्म
पैन
जीएसटी लागू होने के बाद आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए मैन्युअल रूप से आधार कार्ड को स्थायी खाता संख्या (पैन) से जोड़ने के लिए एक फार्म जारी किया है। इससे पहले ऑनलाइन और एसएमएस के जरिये भी आधार संख्या को पैन से जोड़ा जा सकता है।
आवेदक को पैन संख्या और आधार संख्या , दोनों में उल्लेख किए गए नामों की स्पेलिंग लिखनी होगी और इस बात की लिखित उद्घोषणा करनी होगी कि आवेदन- प्रपत्र में उसने जो आधार नंबर दिया है, उसे किसी अन्य पैन कार्ड के साथ नहीं जोड़ा है।
उसे यह भी उद्घोषणा करनी होगी कि उसने फार्म में जिस पैन का उल्लेख किया है , उसके अलावा उसे कोई और पैन आवंटित नहीं किया गया है। कर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह प्रपत्र आधार को पैन डाटाबेस से कागज के माध्यम से जोड़ने की एक अन्य प्रक्रिया भर है।
पैन को आधार से जोड़ना एक जुलाई से जरूरी हो गया है। इसके लिए एसएमएस और ऑनलाइन सुविधा पहले से है। पैन का आवेदन करने के लिए आधार का उल्लेख करना एक जुलाई से अनिवार्य कर दिया गया है।
विभाग अब तक 2.62 आधार नंबरों को पैन के डाटाबेस के साथ जोड़ चुका है। फिलहाल 25 करोड़ से अधिक पैन कार्ड आवंटित किए गए हैं जबकि आधार कार्ड संख्या करीब 115 करोड़ लोगों को आवंटित किया जा चुका है।
यानी जिनके पास भी पैन नंबर पहले से है, और आधार भी है, उन्हें अब इन्हें जोडना होगा। और ऐसे लोग जिनके पास पैन नंबर नहीं है, वो अगर इसके लिए आवेदन करेंगे तो उन्हें फॉर्म में अपना आधार नंबर भी देना होगा।
अगर नहीं किया तो क्या होगा?
aadhar
1 जुलाई से आधार और पैन को लिंक करना अनिवार्य हो गया है और अगर लिंक नहीं किया गया, तो क्या होगा? इस संबंध में इन्कम टैक्स की एक अधिसूचना में स्पष्ट लिखा है - " अगर ऐसा नहीं किया जाता तो उस व्यक्ति को दिया गया आधार एकाउंट नंबर निष्क्रिय हो जाएगा, और इन्कम टैक्स ऐक्ट 1961 के अन्य प्रावधान लागू होंगे, समझा जाएगा कि उस व्यक्ति ने पैन के लिए आवेदन नहीं किया था।"