ऐसे समय में जब बैंक जमा दरों को घटाने की शुरुआत कर चुके हैं, तब भी आप अपने निवेश पर एक से दो फीसदी तक ज्यादा ब्याज पा सकते हैं।
देश की प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए एक से पांच साल तक की जमाओं पर 9.0 से 10 फीसदी तक ब्याज दे रही हैं। जबकि बैंक एफडी पर इस समय एक साल से पांच साल तक की जमाओं पर 6.5 फीसदी से लेकर 8.75 फीसदी ब्याज दे रहे हैं।
एफडी पर ज्यादा ब्याज मिलना आपके लिए फायदेमंद तो है, पर किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना भी जरूरी है।
इस मामले में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के संगठन एफआईडीसी के सदस्य रमन अग्रवाल का कहना है कि निवेशक केवल आरबीआई में पंजीकृत कंपनी में ही निवेश करें। कंपनियां एफडी की रेटिंग भी कराती हैं। निवेशक कंपनी की रेटिंग और बाजार में उसकी साख के आधार पर फैसला करें।
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड अपनी उन्नति योजना के तहत गैर संचयी जमा पर 12 महीने से लेकर 60 महीने तक की जमाओं पर 9.25 फीसदी से लेकर 10.75 फीसदी तक ब्याज दे रही है।
हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड रेगुलर वार्षिक आय योजना के तहत 24 से 60 महीने तक की जमाओं पर 8.90 फीसदी से लेकर 9.05 फीसदी तक ब्याज दे रही है।
इसी तरह, वाणिज्यिक वाहनों को प्रमुख रूप से फाइनेंस करने वाली सुंदरम फाइनेंस अपनी संचयी जमा योजना पर 12-36 महीने तक की जमाओं पर 9.25 फीसदी से लेकर 9.50 फीसदी तक ब्याज दे रही है।