देश में तेजी से बढ़ते दो खरीदार समूह कम आय वाले ब्रांड जागरूक ग्राहक समूह (लाइव) और पहली दफा माडर्न दुकानों पर खरीदरी करने वाले (एफटीएमटीएस) 2015 तक एफएमसीजी की बिक्री में 3 अरब डॉलर का योगदान देंगे। नील्सन इंडिया के कार्यकारी निदेशक एड्रियन टेरॉन ने बताया कि भारतीय आर्थिक परिदृश्य तेजी से समृद्ध हो रहा है। इसलिए, कम आमदनी वाले ग्राहकों की खरीदारी आदत में इजाफा हो रहा है।
नील्सन की रिसर्च के मुताबिक, शहरी भारत में रहने वाले करीब 1 करोड़ लाइव परिवारों की सालाना आमदनी 72 हजार रुपये से कम है। यह अपने कुल घरेलू खर्चे का पांचवां हिस्सा एफएमसीजी पर खर्च कर रहे हैं। नील्सन का अनुमान है कि अगले तीन सालों में इस ग्राहक वर्ग द्वारा एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री 50 फीसदी बढ़ाकर करीब 3.6 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी।
टेरॉन के मुताबिक, आमदनी में अचानक बढ़ोतरी से उत्साहित करीब आधे लाइव परिवार ब्रांडेड उत्पादों की खरीद को तरजीह दे रहे हैं। लाइव परिवारों के बजट का पांच फीसदी फिलहाल आधुनिक शापिंग खरीदारी पर खर्च हो रहा है। नील्सन के आकलन के अनुसार, 2015 तह यह व्यय बढ़कर करीब 17.5 करोड़ डॉलर हो जाएगा।
दूसरी ओर, नील्सन की रिपोर्ट के मुताबिक आमदनी में बढ़ोतरी से उत्साहित पहली दफा आधुनिक दुकानों में खरीदारी करने वालों का एफएमसीजी उत्पादों पर व्यय 28 करोड़ डॉलर का है, जो अगले तीन सालों में बढ़कर 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। एफटीएमटीएस का आधुनिक शापिंग के जरिये एफएमसीजी पर व्यय 35 फीसदी है और इसमें सालाना 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।