साल 2015 और 2016 इक्विटी और फिक्स्ड इनकम, दोनों बाजारों के लिए दिलचस्प रहा है। ज्यादातर निवेशक यह मानते हैं कि जब ब्याज दरें गिरती हैं तो, इक्विटी बाजार बेहतर लाभ देता है। हालांकि, पश्चिमी देशों के अनुभव कुछ और ही संकेत देते हैं।
ऐतिहासिक रूप से ऐसा देखा गया है कि जब ब्याज दरें बॉटम में होती हैं और लिवरेजिंग चक्र शुरू होता है, तभी इक्विटी बाजार बेहतर रिटर्न देता है। इसे देखते हुए, हम निवेशकों को नए साल में डेट, इक्विटी, फिक्स्ड एवं डायनेमिक एसेट एलोकेशन का चयन करने की सलाह दे रहे हैं।
फिक्स्ड इनकम
वैश्विक स्तर पर जो देखा गया है वह यह है कि डीलिवरेजिंग की प्रक्रिया के दौरान फिक्स्ड इनकम लाभ दे सकता है। इसलिए हमारा मानना है कि फिक्स्ड इनकम का परिदृश्य अगले 6 महीनों के लिए उचित होगा। फिक्स्ड इनकम में जोखिम कम होता है, इसलिए इसमें रिटर्न भी एक औसत तक ही होता है। इसलिए रूढ़िवादी निवेशक डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड्स में निवेश कर सकते हैं, जो संभावित रूप से इक्विटी के परिदृश्य के सुधरने पर अच्छा लाभ दे सकता है।
इक्विटी बाजार
इक्विटी की बात करें तो यह 3 से 6 महीने की अवधि में उतार-चढ़ाव वाला दिख रहा है। हालांकि लंबी अवधि के लिए अच्छी तेजी रह सकती है। इसके लिए तीन कारक हैं। नोटबंदी के बाद से हमारा मानना है कि जमीन की कीमतें कम होंगी, ब्याज दरें पहले ही कम होनी शुरू हो चुकी हैं और कामगारों की लागत भी पिछले तीन-चार सालों से कम हो गई हैं। वर्तमान में हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां यह तीनों कारक नीचे की ओर हैं, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था के विस्तार पर होगा। अब संभावना यह है कि लाभ उठाने का चक्र इक्विटी में तेजी प्रदान कर सकता है और निवेशकों को अगले दो साल तक के नजरिए से इक्विटी में निवेश करते रहना चाहिए। क्योंकि बाजार का उतार-चढ़ाव अगली दो तिमाहियों तक जारी रह सकता है। उसके बाद हम विश्वास कर सकते हैं कि लिवरेजिंग साइकल (लाभ का चक्र) संभावित रूप से शुरू हो जाएगा। आगे चलकर कारपोरेट जगत की आय जब बढ़ेगी तो इक्विटी बाजार का रिटर्न बेहतर होगा।
वित्तीय परिसंपत्तियां
वास्तव में, रिजर्व बैंक और सरकार द्वारा 2013-2015 के दौरान उठाए गए कदमों की वजह से वित्तीय परिसंपत्तियां लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से आकर्षक बन सकती हैं। पिछले पांच सालों से, सोने ने डॉलर के अनुपात में नकारात्मक रिटर्न दिया है। वैश्विक स्तर पर रियल एस्टेट ने भी मुश्किल से ही कोई लाभ प्रदान किया है। इसलिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों ने वित्तीय बचत को तेजी प्रदान की और उसके बाद इक्विटी तथा फिक्स्ड इनकम ने सितंबर 2013 से अब तक बेहतर रिटर्न दिया है। हमारा मानना है कि कुछ और साल तक भौतिक परिसंपत्तियों की तुलना में वित्तीय परिसंपत्तियां अच्छा रिटर्न दे सकती हैं।
परिणामस्वरूप निवेशक वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश करते रहें।
डेट सेगमेंट
फिक्स्ड इनकम के नजरिए से, हमारी सलाह है कि निवेशक डेट में निवेश करें। अगले 6 महीने में डेट का परिदृश्य अच्छा दिख रहा है, पर यह उनके लिए है, जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। निवेशक चाहें तो आक्रामक फिक्स्ड इनकम उत्पादों को भी चुन सकते हैं और नए निवेशक डायनेमिक ड्यूरेशन, शॉर्ट ड्यूरेशन और अक्रुअल फंड्स का चयन कर सकते हैं।