डेवलपर्स के लिए निर्माण से पहले ग्राहकों से घर की कीमत का एक बड़ा हिस्सा लेना अब आसान नहीं होगा।
यानी डेवलपर्स घर का सपना दिखाकर बिना कोई निर्माण कार्य किए घर की कीमत की 20-25 फीसदी तक राशि लेने वाली स्कीम अब आसानी से नहीं चला सकेंगे।
ऐसा इसलिए हैं, कि आरबीआई ने बैंकों को इस तरह के स्कीम पर निर्माण से पहले ग्राहकों को होम लोन जारी करने पर रोक लगा दी है।
आरबीआई ने बैंकों को कहा है कि ऐसे किसी प्रोजेक्ट पर वह होम लोन तब तक जारी न करें, जब तक कि निर्माण कार्य पूरा न हो जाए। या फिर वह कर्ज की राशि कंस्ट्रक्शन लिंक के जरिये वितरित करने की व्यवस्था करें।
यानी जितना डेवलपर ने निर्माण किया है, उस आधार पर बैंक ग्राहकों के होम लोन जारी करें। रिजर्व बैंक के अनुसार डेलवपर्स बिना निर्माण शुरू हुए ही ग्राहकों से अपफ्रंट राशि ले रहे हैं।
इसके तहत लागत की 20 से 25 फीसदी राशि ग्राहकों से शुरू में ही ली जा रही है। जो कि एक जोखिम भरा कदम है। ऐसे में बैंक अधूरे और बिना निर्माण कार्य शुरू हुए प्रोजेक्ट्स पर होम लोन जारी न करें।
बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी के अनुसार नए कदम से होम लोन ग्राहकों के कर्ज पर जोखिम कम होगा। साथ ही डेवलपर्स के लिए भी प्रोजक्ट्स समय पर पूरा करने का दबाव होगा।
अगर वह ऐसा नहीं करेंगे, तो बैंकों से उन्हें पूंजी मिलना मुश्किल हो जाएगा।