आज के अधिकांश युवा अपने वित्तीय लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर निवेश के लिए जीवन बीमा को पसंदीदा वित्तीय साधन के रूप में तरजीह देते हैं। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। एसोचैम तथा इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस ने यह सर्वेक्षण पूरे महाराष्ट्र में 18-35 साल आयुवर्ग के लगभग 1,000 युवाओं के बीच बचत एवं निवेश का पैटर्न जानने के लिए किया था।
हाउसहोल्ड सेविंग्स एंड सिंप्लिफिकेशन ऑफ इंश्योरेंस नामक सर्वेक्षण के मुताबिक, कम प्रीमियम दरों पर अधिक कवर, खरीदने की आसान प्रक्रिया के साथ ही त्वरित ग्राहक सेवा एवं आसान दस्तावेजीकरण जीवन बीमा को एक पसंदीदा वित्तीय संपत्ति बनाता है।
म्यूचुअल फंड व रेकरिंग में भी रुझान
लगभग, दो तिहाई (70 फीसदी) युवाओं ने जीवन बीमा को अपने पसंदीदा वित्तीय साधन के रूप में तरजीह दी, जिसके बाद म्यूचुअल फंड को 69 फीसदी तथा फिक्स्ड/रेकरिंग जमा को 64 फीसदी युवाओं ने तवज्जो दी। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिभागियों को वित्तीय साधन के रूप में बीमा के बारे में पूरी जानकारी है और वे बीमा उत्पादों के अलग-अलग प्रकारों के बारे में भी जानकारी रखते हैं। 35 फीसदी प्रतिभागियों ने टर्म प्लान में निवेश को तवज्जो दी।
लगभग 63 फीसदी प्रतिभागी कमा रहे हैं, लेकिन लगभग 60 फीसदी प्रतिभागी अपनी आय का 10 फीसदी हिस्सा ही बचा पाते हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, यह परेशान करने वाली प्रवृत्ति है, क्योंकि भविष्य के बारे में इस तरह का संकीर्ण रवैया आगे के समय में बड़ी समस्या बन सकता है।
कंपनियों को लाना होगा आसान प्लान
केवल 20 फीसदी प्रतिभागी रेकरिंग निवेश करते हैं, जबकि 42 फीसदी प्रतिभागी अपनी बचत के आधार पर सिंगल इन्वेस्टमेंट करते हैं, जबकि तीन फीसदी प्रतिभागी बिना किसी तय पैटर्न के अपने मनमुताबिक निवेश करते हैं।
यह सर्वेक्षण बीमा कंपनियों को इस तरह के निवेशकों के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए आसान सा प्लान लाने का सुझाव देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब लोगों के पास अतिरिक्त पैसे आएं, तो वे अपनी पॉलिसी से मिलने वाले लाभ को बढ़ाने के लिए अपनी पॉलिसी में प्रीमियम जोड़ सकें, इसके लिए विकल्प लाने को लेकर रास्ते तलाश करने की जरूरत है।