आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग में बढ़ोतरी की वजह से आयकर विभाग की वेबसाइट पर दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से ई-फाइलिंग पोर्टल न खुलने की शिकायतें मिली हैं।
इसे देखते हुए आखिरी तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 5 अगस्त तक बढ़ा दी है।
बहुत से लोग टीडीएस सर्टिफिकेट मिलने में देरी के चलते भी अपना रिटर्न नहीं भर पाए हैं। इस साल फॉर्म 16 जारी करने की नई प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
आयकर मामलों के जानकार सीए अमित माहेश्वरी ने बताया कि जिन कंपनियों ने रिवाइज्ड टीडीएस भरा है अथवा टीडीएस देर से जमा किया है, उनके कर्मचारियों को फॉर्म 16 मिलने में देरी के मामले सामने आ रहे हैं।
समय पर फॉर्म 16 या 16-ए नहीं मिलने बहुत से लोग रिटर्न नहीं भर पाए हैं। इस साल पांच लाख रुपये से अधिक आय पर ई-फाइलिंग अनिवार्य होने से भी ऑनलाइन रिटर्न भरने वालों की तादाद बढ़ी है।
आयकर पोर्टल टैक्सस्पैनर डॉटकॉम के सीएफओ सुधीर कौशिक ने बताया कि टीडीएस प्रमाण-पत्र की नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को फॉर्म 16 का एक हिस्सा कंपनी को जारी करना है, जबकि दूसरा हिस्सा आयकर विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जाएगा।
पहली बार लागू की जा रही इस व्यवस्था को समझने और अमल में लाने में कंपनियों को समय लगा है। उनके पास फॉर्म-16 से जुड़े कई मामले आए हैं।
गौरतलब है कि पहले कंपनियां अपने रिकॉर्ड के आधार पर ही यह फॉर्म जारी करती थीं, लेकिन अब कंपनी के रिकॉर्ड का टीडीएस सेंट्रल प्रोसेसिंग सेल की वेबसाइट (ट्रेसेस) के डेटा से मेल खाना जरूरी है।