जमाना क्रेडिट रेटिंग का है। आप किसी भी तरह के लोन के लिए अपना आवेदन भेजें, तो बैंक या वित्तीय कंपनियां सबसे पहले आपकी क्रेडिट रेटिंग देखती हैं। इस रेटिंग के दुरुस्त होने के बाद ही वे आगे लोन से जुड़ी अन्य कार्यवाही करती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हर हाल में अपनी क्रेडिट रेटिंग बचाए रखी जाए। ऑनलाइन खरीदारी के जोश में कहीं यह बात नजरअंदाज न हो जाए।
अमूमन त्योहार के मौसम में लोगों में खरीदारी की ललक काफी बढ़ जाती है। कुछ लोग अपनी जेब के हिसाब से खर्च पर व्यावहारिक नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहते हैं तो कुछ नहीं, जिसका उन्हें खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। पुरानी अर्थव्यवस्था के माहौल में लोग नकद खरीदारी करते थे। धीरे-धीरे खरीदारी के स्वरूप बदलता गया। नकद, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड कुछ विकल्प सामने आए हैं। बाजार में जाकर अथवा ऑनलाइन खरीदारी में एकमुश्त भुगतान के अलावा किस्तों में भुगतान के भी विकल्प हैं।
इन सभी विकल्पों में इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि उसी खरीदारी में अपनी हद को जानें और उसी सीमा तक आगे बढ़ें जहां तक डिफॉल्टर होने की नौबत नहीं आती है। क्रेडिट रेटिंग की एजेंसी सिबिल यानी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड के पास देश के लोगों की क्रेडिट का लेखाजोखा होता है।
कोई चाहे क्रेडिट कार्ड का डिफॉल्टर हो या किसी बैंक लोन का, सभी की सूचना इनके पास रहती है। देश के लगभग सभी बैंक और वित्तीय कंपनियां इसकी सदस्य हैं। लोन का आवेदन मिलते ही पहले वे सिबिल से ग्राहक की क्रेडिट रिपोर्ट मंगाती हैं। रिपोर्ट ठीक तो लोन की कार्यवाही आगे बढ़ती है, अन्यथा मामला ठंडे बस्ते में।
त्योहार के दौरान खरीदारी में क्रेडिट रेटिंग को ठीक रखने के लिए सिबिल की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हर्षा चंदोरकर के कुछ खास सुझाव हैं।
- काफी सावधानी से सबसे पहले अपने खर्च की लिमिट तय कर लें
- अगर कोई मनचाही चीज उपलब्ध नहीं है, तो उसी कीमत का विकल्प सोच कर रखें
- बाजार में चल रहे ऑफरों पर खास नजर रखें, जहां भी आपकी जरूरत से मैच बैठे खरीदारी करें
- दुकान और ऑनलाइन बाजार में कीमतों की तुलना करें, कई बार कीमत में भारी फर्क मिलता है
- ऑनलाइन खरीदारी सिर्फ अच्छी साख वाली और भरोसेमंद वेबसाइटों से ही करें
- अगर आप कार अथवा मकान जैसी बड़ी खरीदारी करने जा रहे हैं तो पहले अपना क्रेडिट स्कोर जान लें
सिबिल की वेबसाइट (सिबिल.कॉम) के जरिए मामूली सी रकम खर्च कर कोई भी अपना क्रेडिट स्कोर जान सकता है। किसी भी लोन लेने से पहले अपना स्कोर खुद जान लेना बेहतर रहता है। इसके होने से लोन लेने की प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है।
खुद स्कोर जानने का लाभ है कि अगर रिपोर्ट में कुछ गलत डाटा है, तो उसे आप ठीक करा सकते हैं जिससे क्रेडिट स्कोर ठीक रहे। इस तरह त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन खरीदारी में फ्राड से बचने के लिए जिस तरह से सावधान रहने की जरूरत है उसी तरह की जरूरत अपने क्रेडिट स्कोर को ठीक रखने की भी है।