डिफॉल्ट के बढ़ते मामलों के मद्देनजर आयकर विभाग ने सख्त कदम उठाने का निर्णय किया है। आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों से आरोपी की गिरफ्तारी, हिरासत में लेने और अटैच की गई संपत्ति की नीलामी के लिए विरले प्रावधान बिना किसी हिचकिचाहट के लागू करने को कहा है।
आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों से अबतक इस्तेमाल न किए गए सेक्शन 276सी (2) को डिफॉल्टर्स के खिलाफ इस्तेमाल करने को कहा है। इस सेक्शन के तहत जुर्माने के अलावा सह श्रम तीन माह से तीन साल तक कारावास का प्रावधान है।
आयकर विभाग के पास इन अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए नामित अधिकारी होता है जिसे आयकर विभाग में टैक्स रिकवरी ऑफीसर (टीआरओ) कहा जाता है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए रणनीति पत्र में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज की ओर से कहा गया है कि अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारी मुहैया करा कर टीआरओ के तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए। टीआरओ की क्षमता बढ़ाने के लिए उसे उसके काम के लिए और प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।