ग्राहकों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बीमा नियामक IRDAI समय-समय पर कईं घोषणाएं करता रहता है। इसी कड़ी में अब नियामक की एक कमेटी ने स्टैंडर्ड फॉर्मेट में प्रोफेशनल इंडेम्निटी पॉलिसी लाने की सलाह दी है। यानी इस श्रेणी की सभी इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तें और कवर एक जैसे होंगे।
कैसे होगा फायदा?
इसकी खास बात यह होगी कि इससे ब्रोकर, कॉरपोरेट एजेंट्स, वेब एग्रीगेटर्स और इंश्योरेंस मार्केटिंग कंपनियों को इंश्योरेंस कवर मिल सकेगा। मालूम हो कि प्रोफेशनल इंडेम्निटी पॉलिसी वित्तीय सलाहकारों, ब्रोकरों और ऐसे ही अन्य प्रोफेशनल्स के लिए खास तरह के लायबिलिटी इंश्योरेंस प्रोडक्ट होते हैं।
कमेटी ने क्या सुझाव दिया?
कमेटी ने जो सिफारिशें की हैं, उसके अनुसार, नए फॉर्मेट के तहत जारी इंश्योरेंस पॉलिसी इंश्योर्ड व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन न होने पर, फ्रॉड और किसी कर्मचारी की बेईमानी की वजह से हुए नुकसान को भी कवर करेगी। यदि नई सिफारिशें अमल में आती हैं, तो ऐसे में अनलिमिटेड लायबिलिटी के साथ कोई भी पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी जारी करने की अनुमति नहीं होगी।
सात फरवरी तक मांगे सुझाव
इस संदर्भ में आईआरडीएआई ने सभी स्टेकहोल्डर्स की टिप्पणी आमंत्रित की है। स्टेकहोल्डर इन सिफारिशों पर आईआरडीएआई को सात फरवरी तक अपनी राय दे सकते हैं।
यातायात उल्लंघन प्रीमियम का भी दिया था सुझाव
इससे पहले बीमा नियामक के एक कार्य समूह ने मोटर बीमा प्रीमियम में स्वयं को क्षति की भरपाई, तीसरे पक्ष के नुकसान की भरपाई तथा अन्य तरह के बीमा प्रीमियम के साथ-साथ 'यातायात उल्लंघन प्रीमियम' की शुरुआत करने की सिफारिश की थी। यह प्रीमियम स्वयं और तीसरे पक्ष के नुकसान के बीमा के साथ होगा।
नियामक द्वारा गठित समूह ने मोटर बीमा में इसके लिए एक पांचवीं धारा जोड़ने का सुझाव भी दिया। इसके तहत 'यातायात उल्लंघन प्रीमियम' को जोड़ने का सुझाव दिया गया है। यह प्रीमियम मोटर के खुद के नुकसान, मूल तीसरे पक्ष के बीमा, अतिरिक्त तीसरे पक्ष का बीमा और अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा प्रीमियम के अलावा रखे जाने का सुझाव दिया गया है।