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निवेश के मंत्र 6: रिटायरमेंट प्लानिंग के बेहद जरूरी टिप्स, जिनसे आपको होगा फायदा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 02 May 2020 02:06 PM IST
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रिटायरमेंट - फोटो : अमर उजाला

अपने भविष्य को संवारने के लिए हम कड़ी मेहनत तो करते हैं लेकिन महंगाई के इस दौर में अपने सभी सपने पूरे नहीं कर पाते। एक जगह पर हम कई बार चूक जाते हैं और वो है बचत। हम अपने भविष्य के लिए सोचते तो बहुत हैं लेकिन बचत नहीं कर पाते। बचत कर भविष्य के लिए हम एक ऐसी पूंजी तैयार कर सकते हैं, जिसकी मदद से हम रिटायरमेंट के बाद अपने जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए हमें अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए।

अपने रिटायरमेंट की योजना बनाने का सबसे अच्छा समय तब होता है जब आप जवान होते हैं। आपकी रिटायरमेंट की उम्र कुछ भी हो, पर आपको आदर्श रूप से अपनी सैलरी का पहला चेक मिलने के समय से ही आपकी योजना शुरू कर देनी चाहिए। अपने ऑफिस से विदाई पार्टी मिलने के बाद रिटायरमेंट प्लानिंग की न सोचें बल्कि इससे काफी पहले से ही प्लानिंग की शुरुआत कर दें।



क्यों जरूरी है रिटायरमेंट की प्लानिंग ?
नौकरी करते समय हम मकान, गाड़ी खरीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें।

लंबी प्रक्रिया है रिटायरमेंट की प्लानिंग
रिटायरमेंट प्लानिंग एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें आपको एक खाका तैयार करना चाहिए। इससे आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

रिटायरमेंट की प्लानिंग करने से पहले निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखें।

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रिटायरमेंट - फोटो : अमर उजाला
अपने भविष्य को संवारने के लिए हम कड़ी मेहनत तो करते हैं लेकिन महंगाई के इस दौर में अपने सभी सपने पूरे नहीं कर पाते। एक जगह पर हम कई बार चूक जाते हैं और वो है बचत। हम अपने भविष्य के लिए सोचते तो बहुत हैं लेकिन बचत नहीं कर पाते। बचत कर भविष्य के लिए हम एक ऐसी पूंजी तैयार कर सकते हैं, जिसकी मदद से हम रिटायरमेंट के बाद अपने जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए हमें अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए।

अपने रिटायरमेंट की योजना बनाने का सबसे अच्छा समय तब होता है जब आप जवान होते हैं। आपकी रिटायरमेंट की उम्र कुछ भी हो, पर आपको आदर्श रूप से अपनी सैलरी का पहला चेक मिलने के समय से ही आपकी योजना शुरू कर देनी चाहिए। अपने ऑफिस से विदाई पार्टी मिलने के बाद रिटायरमेंट प्लानिंग की न सोचें बल्कि इससे काफी पहले से ही प्लानिंग की शुरुआत कर दें।

क्यों जरूरी है रिटायरमेंट की प्लानिंग ?
नौकरी करते समय हम मकान, गाड़ी खरीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें।

लंबी प्रक्रिया है रिटायरमेंट की प्लानिंग
रिटायरमेंट प्लानिंग एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें आपको एक खाका तैयार करना चाहिए। इससे आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

रिटायरमेंट की प्लानिंग करने से पहले निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखें।

महंगाई को जोड़ना न भूलें
रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय हमें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। हम भविष्य में होने वाले खर्चों की गणना तो करते हैं लेकिन उसमें महंगाई को जोड़ना भूल जाते हैं। इसकी वजह से आपका बजट भी बिगड़ जाता है। जिन खर्चों का अनुमान हम वर्तमान में लगाते हैं, भविष्य में वही हमें महंगी मिलती है। इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग के समय महंगाई को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण के लिए अगर आपका मासिक खर्च 50,000 रुपये प्रति माह है और अगर वार्षिक दर से महंगाई लगातार छह फीसदी बढ़ रही है, तो इसका मतलब होगा कि आपको 20 साल बाद हर महीने 1.6 लाख रुपये खर्च करने होंगे। ऐसे में आपको ऐसी योजना तैयार करनी होगी जिससे आप मोटा पैसा जुटा सकें। 

इमरजेंसी फंड का करें इंतजाम
इसके अतिरिक्त आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी इमरजेंसी में खर्च के लिए आपके पास अतिरिक्त राशि की व्यवस्था भी रहे। इमरजेंसी अगर सेहत को लेकर हो, तो आपको और भी ज्यादा ध्यान देना होगा। भविष्य में अगर किसी कारण आपकी सेहत बहुत बिगड़ जाती है, तो इसके लिए आपके पास फंड का होना बेहद आवश्यक है। 

सैलरी का 80 फीसदी ही करें खर्च
फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए और 20 फीसदी बचा के रखना चाहिए। जो पैसा आपने जमा किया हुआ है, उसको आप एक लिमिट में निकालकर अपने खर्च को बिगड़ने से बचा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद के लिए आपके पास सेहत के अतिरिक्त अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए भी पैसे जुड़े होने चाहिए।

बेहद महत्वपूर्ण है बीमा पॉलिसी 
यदि आप रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए उत्तम बीमा योजना होना और भी महत्वपूर्ण है, विशेष तौर पर जब आप पेंशन पर निर्भर हों। अचानक कोई बीमारी बड़ी आर्थिक तबाही ला सकती है। इसलिए समय रहते बीमा कवर ले लेना सदैव बेहतर है। गंभीर बीमारी की हालत में चिकित्सा खर्च में मदद के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदें। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सालाना स्वास्थ्य जांच और अन्य जांच कराएं, जिससे उनका समय रहते इलाज हो सके। 

रिटायरमेंट हेतु निवेश को न टालें
आमतौर पर हम रिटायरमेंट के बारे में नौकरी के करीब 30 साल बाद ही सोचते हैं। नौकरी की शुरुआत में हम रिटायरमेंट हेतु निवेश को टालते रहते हैं। तब युवाओं को ऐसा लगता है कि रिटायमेंट की प्लानिंग बाद भी की जा सकती है और बचत के लिए अभी काफी समय शेष है। लेकिन वो यह नहीं समझ पाते कि शुरुआत में निवेश करने से उन्हें कंपाउंडिंग का लाभ भी मिल सकता है। इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग को टालना नहीं चाहिए। अगर आप समय पर रिटायरमेंट की प्लानिंग कर लेंगे, तो आपको जिंदगी में पैसों की चिंता नहीं होगी और इमरजेंसी के वक्त यह पैसा आपके काम आ सकेगा। पेंशन फंड की मदद से आपको रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने पैसे मिलते रहेंगे और अपने खर्चे पूरे कर सकेंगे। 

पैसा बचाना भी पैसा कमाने जितना ही जरूरी माना जाता है। उम्र के हर पड़ाव के साथ आपकी जरूरतें और जिम्मेदारियां भी बदलती जाती हैं। 

45 साल: परिवार और भविष्य को देखकर लगाएं पैसे
अगर आपकी उम्र 45 साल को पार कर चुकी है, तो इसका मतलब है कि आगे कमाई के लिए आपके पास 15 साल का समय और बचा है। ऐसे में आप अपने निवेश पर ज्यादा जोखिम उठाने की स्थिति में हैं। साथ ही आपको कुछ साल बाद बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी बड़ी पूंजी चाहिए होगी, जिसके हिसाब से ही निवेश करें।
  • आप करियर के पीक पर हैं, तो बचत और निवेश के लिए ज्यादा पैसे लगा सकते हैं।
  • बच्चों की उच्च शिक्षा और शादी की जरूरतों के हिसाब से निवेश का खाका तैयार करें।
  • आक्रामक निवेश विकल्पों को चुन सकते हैं, जिसमें सीधे स्टॉक या इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसे लगाए जा सकते हैं।
  • कुछ धनराशि सेवानिवृत्ति के लिहाज से भी निवेश करें।
  • सुरक्षित निवेश के लिए डेट प्रोडक्ट व अग्रणी म्यूचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं।
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