आज जब सरकारी बचत योजनाओं और बैंकों में ब्याज मिलना लगातार कम होता जा रहा है और शेयर बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिल रहा है, तब ऐसे में म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है। व्यक्तिगत तौर पर निवेशकों के लिए यह ज्यादा रिटर्न पाने का एक जरिया बनता जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी आम व्यक्ति कम से कम 500 रुपये में सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए हर महीने निवेश कर सकता है।
यकीनन म्यूचुअल फंड आज के समय में सबसे बेहतर विकल्प है, लेकिन निवेश करने से पहले लोगों को कई तरह की सावधानियां रखना जरूरी हैं। यह इसलिए क्योंकि इससे आपका पैसा भी नहीं डूबेगा और लंबे समय में आपको अच्छा फायदा होगा। यह हमेशा याद रखिएगा कि म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश भी बाजार जोखिमों के आधीन होता है।
म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करने से पहले एक बात जरूर जान लें कि इसका फायदा छोटे समय (तीन, छह या 12 महीने) में नहीं मिलता है। कम से कम आपको तीन से पांच साल तक निवेश करना होगा, तभी बेहतर रिटर्न मिलेगा। अगर आप यह सोच रहे हैं कि इसमें रिटर्न कम समय में मिलेगा, तो ऐसा बिलकुल नहीं है। छोटे समय के लिए निवेश योजना से आपको नुकसान हो सकता है।
आप जिस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो फिर उसके बारे में पूरी जानकारी कर लें। बाजार के अच्छा होने पर सभी फंड सही रिटर्न देते हैं, लेकिन बाजार गिरने पर कुछ फंड का एनएवी ज्यादा गिरता नहीं है। इसलिए अपने निवेश सलाहाकार से सही फंड के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
प्रत्येक म्यूचुअल फंड का एक ऑफर डॉक्यूमेंट होता है। इस डॉक्यूमेंट में सभी तरह की जानकारी जैसे कि फंड का साइज, निवेश करने का औचित्य, कौन से फंड (डेट, इक्विटी, हाईब्रिड) में निवेश करेगा, किस अनुपात से करेगा, फंड मैनेजर आदि की जानकारी होती है।
कोई फंड अगर थोड़े समय के लिए खराब प्रदर्शन कर रहा है, तो फिर उसको नजरअंदाज करें। हो सकता है कि आगे चलकर लंबे समय में वो फंड अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में आप फंड मैनेजर के बारे में जानकारी लें। अगर उसके बारे में सही रिपोर्ट मिल रही है, तो भी ऐसे फंड में निवेश किया जा सकता है।
प्रत्येक दिन या हफ्ते में या फिर महीनें में फंड की एनएवी को चेक न करें। फंड के एनएवी में रोजाना उतार-चढ़ाव से परेशान न हो। अगर आप ऐसे परेशान होंगे तो फिर आपको काफी दिक्कत होगी।
अगर आप एसआईपी के बजाए एक बार में ही बड़ी राशि का निवेश करते हैं, तो फिर साल में एक बार अपने फंड का प्रदर्शन जरूर देंखे। इसके साथ ही कभी भी पूरी राशि को एक बार में नहीं निकालें।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स (एएमएफआई) के मुताबिक म्यूचुअल फंड मैनेजर के पास चार जरूरी विशेषताएं होनी चाहिए। पहला, फंड मैनेजर सक्रिय आधार पर कम स्टॉक का मालिकाना सुनिश्चित करता है।
व्यापक रूप से देखें तो म्यूचुअल फंड को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है यानी इक्विटी, ऋण और हाइब्रिड में। प्रत्येक श्रेणी एक विशिष्ट लक्ष्य को पूरा करने के लिए है। इसके अलावा प्रत्येक फंड से निवेशक के लिए विभिन्न निहितार्थ होते हैं। आपको केवल फंड की सही श्रेणी में आने के लिए इन तीन मूलभूत सवालों के जवाब तलाशना है।
सिप में निवेश करने का लाभ यह होता है कि इसमें आपका पैसा अगल-अलग सेक्टर की तमाम कंपनियों में निवेश किया जाता है। जब आपका पैसा अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया जाता है तो इससे आपको काफी मुनाफा होता है। बता दें कि एसआईपी सेबी और एएमएफआई द्वारा बनाए गए नियमों के तहत काम करता है।