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जीवन के हर पहलू से जुड़ा है इंश्योरेंस

Mon, 26 Nov 2012 11:09 AM IST
नई दिल्ली/उमेश्वर कुमार
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बीमा शब्द सुनने पर हमारे सामने जो छवि बनती है वह होती है जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, मकान बीमा और वाहन बीमा। क्लासिकल रूप में देखें तो एक आम आदमी के लिए बीमे का मतलब भी यही होता रहा है, लेकिन अब बीमे का दायरा बहुत बढ़ गया है। हममें से बहुतों को नहीं पता कि बीमा हमारे लिए किस-किस तरह से फायदेमंद हो सकता है। जीवन बीमा जैसे उत्पाद का सदुपयोग किस-किस तरह से किया जा सकता है, जिससे कि बीमित व्यक्ति के जीवित नहीं रहने पर उसके परिवारजनों को आर्थिक समस्याएं न झेलनी पड़ें।
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बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवारजनों को तो बीमा की राशि मिल जाती है, लेकिन कई बार पता चलता है कि बीमित ने बहुत बड़ी राशि होम लोन अथवा अन्य लोन के रूप में ली थी। जिसकी देनदारी परिवार पर बहुत ही भारी पड़ जाती है। कई बार अज्ञानता के कारण और कई बार टालने की प्रवृत्ति के कारण लोग अपने लोन का बीमा कराने से चूक जाते हैं और इसका बड़ा खामियाजा बाद में परिवार को भुगतना पड़ता है।

जीवन को लेकर हर कोई अपने बारे में यहीं सोचता है कि उसके साथ अनहोनी नहीं घटेगी, जबकि भविष्य के पटल को किसने देखा है। कभी भी और कहीं भी किसी के साथ अनहोनी हो सकती है। एक जानकार ने डीएलएफ की आवासीय योजना में जमीन खरीदने के लिए एक निजी बैंक से बड़ा लोन लिया।
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लोन एडवाइजर ने उन्हें लोन का बीमा कराने की सलाह भी दी, लेकिन वह इसे लगातार टालते रहे और एक दिन वह एक दुर्घटना के शिकार हो गए, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। अब परिवार के सामने उस प्रॉपर्टी को बचाए रखना संभव नहीं था क्योंकि अब वे ईएमआई की बड़ी रकम नहीं दे सकते थे। अंत में बैंक ने उस प्रॉपर्टी को बेचकर अपनी राशि उगाही। इस तरह के तमाम उदाहरण आसपास मिल जाएंगे।

होम लोन सहित किसी भी तरह के बड़े लोन को बीमित करा लेना हमेशा ही अच्छा रहता है जिससे कि अनहोनी की स्थिति में आपके निकटस्थों को बड़ी आर्थिक परेशानी नहीं उठानी पड़े। बीमा आपके लोन तक ही सीमित नहीं है, इसकी व्याप्ति बहुत बड़ी है। हम यात्रा पर होते हैं तब इसकी उपयोगिता बहुत बड़ी हो जाती है। खासकर विदेश यात्रा के दौरान बीमे का खास ध्यान रखना चाहिए। इसमें न सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस होना चाहिए, बल्कि इसमें जीवन बीमा का भी समावेश होना चाहिए।

आज की जीवनशैली में क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ गया है। क्रेडिट कार्ड से की गई खरीदारी अथवा ली गई रकम भी एक तरह से लोन ही होता है। अधिकांश बैंक मामूली शुल्क पर बीमे की सुविधा देते हैं। इसके अलावा कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने ग्राहकों को मुफ्त दुर्घटना और जीवन बीमा भी प्रदान करती हैं, इसके बारे में सभी क्रेडिट कार्ड धारकों को अपने कार्ड की हेल्पलाइन से न सिर्फ इसकी विस्तृत जानकारी लेनी चाहिए, बल्कि बीमा सुविधा होने की जानकारी अपने परिजनों को भी देनी चाहिए, जिससे कि अनहोनी की स्थिति में यह सुविधा काम में आए। क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड से होने वाले फ्रॉड का भी बीमा करती हैं।

अब तो बैंक के खाते पर भी जीवन बीमा की सुविधा है। भारतीय स्टेट बैंक ने इस दिशा में जबरदस्त पहल की है। इसके तहत, एसबीआई का कोई भी बचत बैंक खाताधारक इसकी सुविधा ले सकता है। इसमें खाताधारक को सालाना 100 रुपये प्रीमियम देना होगा और इसके एवज में बैंक अपने समूह बीमा की तरफ से चार लाख रुपये की दुर्घटना बीमा देगा।

इसके तहत, दुर्घटना में मृत्यु होने पर बैंक नामित को चार लाख रुपये की राशि देगा और अपंग होने की स्थिति में अपंगता के हिसाब से बीमा की राशि देगा। यहां यह ध्यान देने योग्य है कि आपका खाता होने मात्र से आपको बीमा का लाभ नहीं मिल जाता, बल्कि इसके लिए अपनी शाखा में जाकर आवश्यक फार्म भरने होंगे, नामित का नाम देना होगा और प्रीमियम की राशि भरनी होगी। निजी क्षेत्र के कुछ बैंक इस तरह की सुविधा दे रहे हैं, लेकिन उनका प्रीमियम अधिक है।

जानकारी के अनुसार एसबीआई की यह सुविधा देशभर में सबसे सस्ती है। जीवन बीमा की बात करें, तो आमतौर पर लोग सालाना प्रीमियम भर कर एक नियत राशि की बीमा पॉलिसी ले लेते हैं। इसमें से अधिकांश पॉलिसियां ऐसी होती हैं जिसमें निवेश के भी गुण होते हैं, यानी पॉलिसी अवधि समाप्त होने पर जीवित रहे तो भी अच्छी खासी रकम मिल जाती है।

इस तरह के बीमा में प्रीमियम अधिक बैठता है और रिटर्न कम मिलता है। जीवन बीमा का एक रूप है टर्म प्लान। इसमें भी सालाना प्रीमियम भरना होता है लेकिन पॉलिसी अवधि समाप्त होने पर कोई रकम वापस नहीं मिलती। इसमें प्रीमियम कम बैठता है और कवरेज बड़ा हो जाता है।
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