फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विदेशों में काम कर रहे भारतीयों को भी मिलेगा EPFO कवरेज- CPFC

Sat, 04 Nov 2017 04:36 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
विज्ञापन
epfo
विज्ञापन
विदेशों में काम कर रहे भारतीय कामगार अब उस संबंधित देश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे से बच सकते हैं। वे इसके बजाय घरेलू कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की योजनाओं को चुन सकेंगे। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) वीपी जॉय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
विज्ञापन


पढ़ें: प्रोविडेंट फंड निकालने के नियम में हुआ बदलाव, ऐसा करने से मिनटों में मिल जाएगा आपका पूरा पैसा

जॉय ने ‘धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन-नई पहलें’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इसके लिए एक ऑनलाइन सुविधा की शुरुआत की गई है। यह योजना भारतीय कामगारों को उनके काम के देश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बचाती है। 

पढ़ें: अपने आप बढ़ने लगेगा आपके पीएफ अकाउंट में बैलेंस, EPFO देने जा रहा है यह सौगात

इसके साथ ही यह रोजगार प्रदाताओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में दोहरा योगदान वहन करने से भी बचाती है। ईपीएफओ ने इसके लिए 18 देशों के साथ समझौता किया है। उन्होंने कहा, ‘हमने पूरी प्रक्रिया को कर्मचारियों के अनुकूल बना दिया है। विदेश काम करने जा रहे कामगार कवरेज का प्रमाणपत्र पा सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रमाणपत्र के लिए कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

EPFO
वे प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं तथा ऑनलाइन ही इसे हासिल भी कर सकते हैं।’ उन्होंने बताया कि इसके लिए ईपीएफओ की वेबसाइट पर एक पन्ने का सरल आवेदन पत्र मौजूद है। जॉय ने कहा, ‘यह योजना सीमित समय के लिए विदेश काम करने जा रहे लोगों के लिए बड़ी मदद है। 

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उनका पैसा लंबे समय तक बाहर फंसा हुआ नहीं रह सकता है।’

18 देशों के साथ किया है समझौता
भारत ने बेल्जियम, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, लग्जमबर्ग, नीदरलैंड, हंगरी, फिनलैंड, स्वीडन, चेक गणराज्य, नॉर्वे, ऑस्ट्रिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान और पुर्तगाल के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में समझौता किया है।

ईपीएफओ विश्व की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा प्रदाता संस्था है। यह 9.26 लाख से अधिक कंपनियों को कवर करती है तथा इसके 4.5 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। यह प्रति माह 60.32 लाख लोगों को पेंशन प्रदान करती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें