वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में पूर्ण बजट पेश किया, जिसमें करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण एलान किया गया। इस साल आयकर विभाग आईटीआर-1 फॉर्म भरने वालों को सैलरी, एफडी पर मिलने वाला ब्याज और टीडीएस की जानकारी पहले से भरकर देगा।
इससे पहले यह जानकारी भी करदाता को खुद से भरने होती थी। अगर फॉर्म को ऑनलाइन भरा जाता है तभी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। पहले से मौजूद सॉफ्टवेयर पैन कार्ड की मदद से फॉर्म 26एएस, टीडीएस रिटर्न और पिछले साल के आईटीआर की सारी डिटेल्स को निकाल लेगा।
2018-19 वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद आयकर रिटर्न भरने की तैयारी करदाताओं को शुरू कर देनी चाहिए। आयकर विभाग ने करदाताओं की सुविधा के लिए इस बार के आईटीआर फॉर्म जारी कर दिए हैं। अगर आप वेतनभोगी या फिर पेंशन पाते हैं तो फिर आपको आईटीआर-1 फॉर्म भरना होगा। रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2019 है।
50 लाख तक की सालाना आय वालों को आईटीआर फॉर्म-1 भरना होगा। अगर करदाता को सैलरी या फिर पेंशन, एक मकान या दुकान, जमाधन पर मिलने वाले ब्याज पर आय इतनी होती है तो फिर उनको यह वाला फॉर्म भरना होता है।
आईटीआर दाखिल करने के लिए करदाताओं के पास निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए।
इसके बाद आपको अपने कुल आयकर देय का भुगतान नेटबैंकिंग या फिर डेबिट कार्ड से करना होगा। इससे पहले आपको अपने रिटर्न का प्रीव्यू भी देखने को मिलेगा। अगर आप सारी जानकारी से संतुष्ट हैं तो फिर रिटर्न को दाखिल कर सकते हैं।