नोटबंदी के दौरान अगर किसी व्यक्ति ने 2 लाख रुपये से अधिक का कैश भुगतान अपने लोन की ईएमआई को चुकाने या फिर क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए किया है, तो इसकी जानकारी भी आईटीआर में देनी होगी।
इससे पहले, आयकर भरने वालों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि 1 अप्रैल से आयकर जमा करने वालों के लिए आसान 'सहज' फॉर्म अमल में लाए जाएंगे। आयकर विभाग ने वेतनभोगी करदाताओं को राहत देते हुए एक पेज का 'सहज आयकर रिटर्न फार्म' जारी किया है।
लेकिन जरूरी बात यह भी है कि नोटबंदी के दौरान जिन लोगों ने बैंकों में 2 लाख से ज्यादा की रकम नकद या ऑनलाइन जमा कराई, उन्हें यह जानकारी नए फॉर्म में भी बतानी होगी।
इसे सरल बनाने के लिए इसके कुछ कॉलम हटा दिए गए हैं। इनकम डिडक्शन का दावा करने वाले सैलरी औैर ब्याज आय वाले लोगों को अब कम कॉलम भरने होंगे क्योंकि इनमें से कुछ को आईटीआर1 में समाहित कर दिया गया है। आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक दाखिल किया जा सकेगा।