देश में दूसरे नंबर के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने लोन की ब्याज दरों में 0.10 फीसदी की कटौती कर दी है। बैंक ने मॉर्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट (एमसीएलआर) वाले सभी परिपक्वता अवधि के कर्जों पर ब्याज दर में यह कटौती है।
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और इलाहाबाद बैंक ने अपने खुदरा ऋण को रिजर्व बैंक के रेपो दर से जोड़ने की घोषणा मंगलवार को की। इससे इन बैंकों का कर्ज सस्ता हो सकता है। पंजाब नेशनल बैंक ने 'पीएनबी एडवांटेज' योजना पेश की है।
पीएनबी एडवांटेज एक खुदरा ऋण योजना है , जो कि रेपो दर से जुड़ी है। इस संदर्भ में बैंक ने बयान में कहा कि, 'नई योजना में ब्याज दर एमसीएलआर पर आधारित मौजूदा ब्याज दर की तुलना में 0.25 फीसदी कम होगी। आवास ऋण के लिए नई दरें 8.25 फीसदी से 8.35 फीसदी के बीच होंगी। कार के लिए कर्ज की दर 8.65 फीसदी होगी।' बैंक ने कहा कि मौजूदा ग्राहक मामूली शुल्क देकर रेपो आधारित ब्याज दर का विकल्प चुन सकेंगे।
वहीं, इलाहाबाद बैंक ने कहा कि उसने 75 लाख रुपये तक के कर्ज को बाहरी मानक दरों (ईबीएलआर) के साथ जोड़ा है। इसमें रेपो दर घटक के रूप में शामिल हैं। इस संदर्भ में इलाहाबाद बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि बैंक ने एक सितंबर 2019 से स्वीकृत होने वाले मुद्रा लोन और 75 लाख रुपये तक के आवास कर्ज की दर को ईबीएलआर से जोड़ने का फैसला किया है।