शेयर बाजार में निवेश करने के लिए अब डीमैट अकाउंट होना जरूरी हो गया है। दरअसल डीमैट अकाउंट वह है जिसके जरिए शेयर बाजार में टेडिंग यानी खरीदफरोख्त की जाती है। तो आइए जानते हैं डीमैट अकाउंट खोलने की प्रक्रिया।
इस तरह डीमैट अकाउंट खोलकर करें इक्विटी में निवेश
--डीमैट अकाउंट खोलना दो चरणों वाली प्रक्रिया होती है।
--सबसे पहले आपको नजदीकी मान्यता प्राप्त डिपोजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) से संपर्क करना होगा। नजदीकी मान्यता प्राप्त डीपी की स्थिति आप एनएसडीएल और सीडीएसएल की वेबसाइट से जान सकते हैं।
--आपको अपने दो फोटो, पैन कार्ड, आवास प्रमाणपत्र, बैंक खाते का स्टेटमेंट (ओरिजिनल और स्वयं सत्यापित प्रतिलिपि) लेकर डीपी के यहां जाना होगा और अकाउंट खोलने का फॉर्म भरना होगा।
--प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीमैट खाता संख्या और डीपी आईडी नंबर मिलेगा। अपने डीपी के साथ लेन-देन के लिए आपको दोनों नंबर देने होंगे।
--अपने डीमैट खाते के जरिए आईपीओ के लिए आवेदन, शेयरों की खरीद बिक्री, ट्रांसफर और शेयरों को डीमैटेरियलाइज कर सकते हैं।
यह भी जानें
डीपी खाते के रखरखाव के लिए आपको अपने डीपी को सालाना शुल्क देना होता है। अभी यह शुल्क 200-500 रुपये है। नए साल से यह शुल्क संशोधित हो जाएगा। डिपोजिटरी पार्टिसिपेंट द्वारा 5 दिनों में डिलीवरी स्लिप बुक दी जाती है, जो डीमैट की चेक बुक जैसी होती है। आपको लेन-देन करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए, इसे हिफाजत से रखें। खुदरा निवेशकों के लिए सरकार ने बिना सालाना शुल्क वाले डीमैट खाते की सुविधा शुरू की है।