बैंकों के बाद अब आपको हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की तरफ से भी कर्ज सस्ता करने की सौगात मिल सकती है। ऐसा नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) द्वारा प्रधान ब्याज दर (पीएलआर) में 0.50 फीसदी की कमी करने से हो सकता है। सोमवार को नेशनल हाउसिंग बैंक ने अपने पीएलआर दर में कमी कर दी है। एनएचबी के इस कदम से हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए कर्ज सस्ता(ब्याज दरों में कमी) करने का रास्ता खुल गया है।
नेशनल हाउसिंग बैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आरवी वर्मा ने अमर उजाला को बताया कि एनएचबी ने सोमवार को अपने पीएलआर में 0.50 फीसदी की कमी करने का फैसला किया है। वर्मा के अनुसार पीएलआर में कमी होने से रिफाइनेंस दर में भी कमी आएगी। बैंक का पीएलआर 10.50 फीसदी से घटकर 10.0 फीसदी हो गया है।
एनएचबी द्वारा पीएलआर घटाना यह संकेत है कि आने वाले दिनों में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी अपने कर्ज सस्ता करने की घोषणा कर सकती हैं। पीएलआर घटने से हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के पूंजी जुटाने की लागत में कमी आएगी। देश में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी), दीवान हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया बुल्स जैसी 50 से ज्यादा हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां है।
सोमवार को एनएचबी के द्वारा लिए गए फैसला का असर इन कंपनियों पर सीधे तौर पर पड़ेगा, जिसे देखते हुए हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी जल्द ही ग्राहकों को ब्याज दरों में कमी लाने का तोहफा दे सकती है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में कमी करने के बाद भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक ने अपने कर्ज सस्ते कर दिए हैं।