सरकार ने कहा है कि स्वैच्छिक रूप से काले धन की घोषणा करने की चार माह की अवधि के भीतर घोषणा न करने पर कड़ी कार्रवाई से गुजरना होगा।
अगर कोई इसकी जानकारी नहीं देता है और उसके पास अवैध धन पाया जाता है तो उससे कर और जुर्माने के रूप में 90 फीसदी की राशि वसूलने के साथ उसे सात साल की जेल का सामना करना पड़ेगा। आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक जून से चार माह के लिए इस अवधि को लागू करने की घोषणा की है।
इस दौरान काले धन की घोषणा करने वाले को 30 फीसदी कर और 15 फीसदी जुर्माना देना होगा। उसके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। अवधि समाप्त होने के बाद जुर्माने को बढ़ाकर 60 फीसदी और कर 30 फीसदी कर दिया जाएगा। इस तहत उसे 45 फीसदी की जगह 90 फीसदी राशि का भुगतान करना होगा।