अगले वर्ष आयकर रिटर्न भरने में न तो दिक्कत होगी और न ही देरी, क्योंकि रिटर्न फार्म को आसान करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने काम शुरू कर दिया है।
इसके लिए गठित कमेटी की बैठक इसी सप्ताह हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार जोर फार्म को आसान करने पर है और इसे अगले वर्ष अप्रैल से पहले अधिसूचित कर दिया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार असेसमेंट वर्ष 2016-17 के लिए आयकर रिटर्न फार्म तैयार करने की जो कमेटी गठित हुई है उसकी पहली बैठक बीते मंगलवार को हो गई।
उस दौरान अंतरराष्ट्रीय कराधान, छूट (एक्जंप्शन), ऑनलाइन रिटर्न आदि से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इस बात पर भी चर्चा हुई कि ऑनलाइन परेशानी होती है और इसे कैसे दूर किया जा सकता है।
गौरतलब है कि सीबीडीटी ने आयकर रिटर्न फार्म को आसान बनाने के लिए जो कमेटी गठित की है, उसमें टीपीएल, इंटरनेशनल टैक्सेशन, एक्जंप्शन, सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर, टीडीएस आदि विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
उलझाव वाले प्रावधान हटेंगे
बैठक में शामिल एक अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि इस सारी कवायद का उद्देश्य यही है कि करदाताओं को रिटर्न फार्म भरने में आसानी हो। उसमें ऐसे प्रावधान न रखे जाएं, जिससे उलझाव हो।
इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि पिछले साल की तरह गड़बड़ी न हो। इस सिलसिले में आयकर दाताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की भी बातें सुनी जाएंगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष आयकर रिटर्न का फार्म ही काफी देर से अधिसूचित किया गया था। फार्म को भी काफी बड़ा और बोझिल बना दिया गया था।
बताया जाता है कि बीते साल वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सीधे पीएमओ के निर्देश पर काम किया और इसके प्रावधानों के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली तक अंधेरे में थे।
रिटर्न फॉर्म को लेकर हुआ था विवाद
यही नहीं, रिटर्न फार्म को ऐसे समय में अधिसूचित किया जबकि जेटली विदेश में थे। फार्म अधिसूचित होते ही उस पर काफी विवाद हुआ था और मीडिया रिपोर्ट को पढ़ते हुए वित्त मंत्री ने विदेश से ही इस पर अमल टालने का आदेश दिया था। उसके बाद नए सिरे से रिटर्न फार्म को तैयार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक इस बार वैसी कोई गलती नहीं दोहराई जाएगी, जिस पर पिछले साल विवाद हुआ था। यही नहीं, सीबीडीटी इस वर्ष विदेश में रहने वाले वैसे करदाताओं की भी जानकारी जुटा रहा है, जो कि भारत में रिटर्न फार्म दाखिल करते हैं।
कर अधिकारियों की भाषा में ऐसे व्यक्ति एक्सपैट्स कहलाते हैं। इनके लिए एक अलग फार्म अधिसूचित करने की भी तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा से जुड़ी जानकारी और वहां खर्च के बारे में ब्योरा जानने के भी प्रयास किए जाएंगे। ऐसा इसलिए कि विदेशों में जा कर काला धन को ठिकाने लगाने की काफी शिकायत मिलती रहती है।