मार्च 2012 में डुप्लीकेट सिम की मदद से धोखाधड़ी करने वालों ने कोच्चि के एक डॉक्टर के बैंक खाते से 11.14 लाख रुपये निकाल करके उसे अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया।
- अप्रैल 2012 में इंदौर पुलिस ने मोबाइल बैंकिंग धोखाधड़ी के जरिये 25 लाख रुपये ट्रांसफर करने वाले एक गैंग को पकड़ा। इन लोगों ने आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक के कई ग्राहकों के खातों से पैसे ट्रांसफर किए।
- दिल्ली में जनवरी 2010 में रिटायर्ड बैंक अधिकारी को ठगों ने मोबाइल बैंकिंग के जरिये चपत लगाई। इस फ्रॉड को अंजाम देने में एक निजी बैंक के अधिकारी शामिल पाए गए।
- धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने इस साल जून में पावर और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म के सीईओ को 5 लाख रुपये का चूना लगाया। हैदराबाद के इस मामले में भी डुप्लीकेट सिम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांसफर किए गए। डुप्लीकेट सिम कार्ड हासिल करने के लिए इस गैंग ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पिछले एक साल में इस गैंग ने अलग-अलग लोगों को 1.5 करोड़ रुपये की चपत लगाई।
- बांद्रा के एक पेट्रोल पंप मालिक के बैंक अकाउंट से पिछले साल नवंबर में धोखेबाजों ने 2 लाख रुपये उड़ा लिए। इस फ्रॉड को भी डुप्लीकेट सिम के जरिये अंजाम दिया गया, जबकि पेट्रोल पंप मालिक ने घटना के एक महीने पहले ही सिम को ब्लॉक करवा दिया था।