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म्यूचुअल फंड के जरिए सोने में निवेश है मुनाफे का सौदा, इन चार तरीके से ले सकते हैं इसका लाभ

Mon, 17 Aug 2020 09:00 AM IST
संजीव कुमार झा कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोना - फोटो : pixabay
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कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के प्रति आकर्षण बढ़ा है। ऐसे में आप भी सोने में निवेश कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए म्यूचुअल फंड्स का भी सहारा ले सकते हैं। इनकी मदद से आप पीली धातु में कई तरीकों से मसलन गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड फंड, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड और अंतरराष्ट्रीय गोल्ड फंड के जरिए निवेश कर सकते हैं। खास बात है कि इन तरीकों से आप फिजिकल गोल्ड नहीं खरीदते हैं बल्कि पेपर गोल्ड में निवेश करते हैं, जिसके कई फायदे हैं। इसमें आपको मेकिंग चार्ज या प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता है और न ही सोने की सुरक्षा की चिंता रहती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी 10-15 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

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गोल्ड ईटीएफ 
एफडी से 7 गुना ज्यादा मुनाफागोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) ऐसे फंड्स होते हैं, जो सोने में निवेश करते हैं। यह सोने में निवेश का किफायती तरीका है। इसे आम शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश के लिए कम-से-कम एक यूनिट की खरीद जरूरी है, जो एक ग्राम सोने के बराबर होती है। इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर राशि मिलती है। खास बात है कि इसमें रिटर्न फिक्स्ड डिपॉजिट से करीब 7 गुना ज्यादा मिलता है। 31 दिसंबर, 2019 के बाद से अब तक सोने ने 37% से ज्यादा रिटर्न दिया है, जबकि एफडी पर 5-6% ब्याज मिलता है।  

गोल्ड फंड 
बिना पैसा लगाएं यह एक ओपन-इंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम है, जो गोल्ड ईटीएफ की इकाइयों में निवेश करता है। इसमें निवेश के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत नहीं पड़ती है। खास बात है कि किसी अन्य म्यूचुअल फंड की तरह आप गोल्ड फंड से सोने में निवेश कर सकते हैं और उसे भुना सकते हैं। एक साल में हर गोल्ड फंड ने 30 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है।
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मल्टी एसेट फंड 
पोर्टफोलियो में विविधता, यह म्यूचुअल फंड की हाइब्रिड श्रेणी है। इसमें कई तरह के एसेट क्लास में एक साथ निवेश होता है। मल्टी एसेट एलोकेशन फंड के लिए पोर्टफोलियो का कम-से-कम 10-10 फीसदी हर एसेट क्लास में निवेश करना जरूरी है। इससे पोर्टफोलियो में विविधता आती है। इस तरह किसी एक एसेट क्लास में गिरावट आने से उसकी भरपाई दूसरा एसेट क्लास कर देता है।

अंतरराष्ट्रीय गोल्ड फंड
समझदारी से निवेश इसके जरिए भी सोने में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय गोल्ड फंड ही उपलब्ध हैं। इसमें विदेशी गोल्ड फंड की इकाइयों में निवेश किया जाता है। म्यूचुअल फंड निवेशकों का मानना है कि ये फंड बहुत जोखिम वाले होते हैं, जो खुदरा निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार को बेहतर समझने वाले ही इनमें निवेश कर सकते हैं।

सुरक्षित निवेश का बेहतर विकल्प, बनी रहेगी चमक
सोना सुरक्षित निवेश का बेहतर विकल्प है। पिछले कुछ महीने में इसकी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। पिछले सप्ताह तो यह 56,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, उसके बाद थोड़ी गिरावट देखने को मिली। लेकिन, कोरोना के कारण बने हालात, अमेरिकी चुनाव और अमेरिका-चीन के बीच जारी तनाव को देखते हुए सोने की चमक बरकरार रहेगी।  -जगदीश ठक्कर, मार्केट रिसर्च एनालिस्ट 

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