इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए वेतनभोगियों और कारोबारियों के लिए आयकर विभाग ने अलग-अलग फॉर्म जारी किए हैं। सैलरी वालों के लिए आसान सा 'सहज-1' फॉर्म लाया गया है। वहीं 50 लाख तक की इनकम वालों को भी ये ही फॉर्म भरना होगा।
अगर किया है 2 लाख से अधिक जमा तो देनी होगी जानकारी
नोटबंदी के दौरान जिन लोगों ने बैंकों में 2 लाख से ज्यादा की रकम नकद या ऑनलाइन जमा कराई थी तो उन्हें यह जानकारी नए फॉर्म में भी बतानी होगी। इसे सरल बनाने के लिए इसके कुछ कॉलम हटा दिए गए हैं।
इनकम डिडक्शन का दावा करने वाले सैलरी औैर ब्याज आय वाले लोगों को अब कम कॉलम भरने होंगे क्योंकि इनमें से कुछ को आईटीआर1 में समाहित कर दिया गया है। आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक दाखिल किया जा सकेगा।
वित्त वर्ष 2017-18 चैप्टर 6ए के तहत विभिन्न धाराओं में डिडक्शन के दावे के हटा दिए गए हैं और सिर्फ सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वालों को शामिल किया गया है। धारा 80सी, मेडिक्लेम (80डी) के तहत डिडक्शन के दावे वाले कॉलम बरकरार रहेंगे। जो लोग अन्य मदों में डिडक्शन दिखाना चाहेंगे वह एक विकल्प चुन कर ऐसा कर सकते हैं।
आईटीआर 1 या सहज में 18 कॉलम हैं और इनका इस्तेमाल 80 सी के तहत डिडक्शन का दावा करने के लिए किया जा सकता है। 80 सी के तहत एलआईसी, पीपीएफ, हाउसिंग लोन के मद में डेढ़ लाख रुपये के डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। 80 डी के तहत मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम के मद में डिडक्शन मिलता है।
आयकर अधिकारियों का कहना है कि इस महीने नए फॉर्म की अधिसूचना जारी हो जाएगी और अप्रैल से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग रिटर्न दाखिल करें।
यही वजह है कि ज्यादा सरल फॉर्म लाया जा रहा है और कुछ समय पहले से ही रिटर्न दाखिल करने की सुविधा दी जा रही है। इस वक्त 29 करोड़ पैन कार्ड धारकों में से सिर्फ 6 करोड़ लोग ही इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं।