कभी-कभी इंश्योरेंस पॉलिसी की चमक-दमक में इसकी सच्चाई छुप जाती है। ऐसे में गलत इंश्योरेंस पॉलिसी से छुटकारा पा लेना ही समझदारी भरा कदम है। जितना प्रीमियम दे रहें हैं उसके मुकाबले कम रिटर्न मिलने पर पैसे वापस लिया जा सकता है।
15 दिनों में पैसे वापस लेना फायदेमंद
यदि आप पॉलिसी खरीदने के 15 दिन के भीतर पैसे वापस लेते हैं तो कोई परेशानी नहीं होगी। इस पीरियड को बीमा पॉलिसी का 'फ्री लुक पीरियड' कहा जाता है। कुछ इंश्योरेंस कंपनियों में इसकी सीमा अधिक भी होती है। कंपनियां अपने चार्ज की कटौती करके बीमाकर्ता को पैसे वापस कर देती है।
लैप्स होने दें बीमा पॉलिसी को
इसके अलावा एक अन्य उपाय है पॉलिसी लैप्स होने देना। पॉलिसी लौटने से संबंधित फ्री लुक पीरियड का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं तो अग्रिम भुगतान कर पॉलिसी लैप्स होने दें। इस प्रक्रिया में बीमाकर्ता को कुछ नहीं मिलता। इसमें प्रीमियम को जब्त कर लिया जाता है। साथ ही लाइफ कवर भी खत्म हो जाता है।
कब करें पॉलिसी को सरेंडर
परंपरागत बीमा पॉलिसी पर मिलने वाला रिटर्न 5-7 फीसदी होता है। पॉलिसी को खरीदने के तीन साल के बाद उसे सरेंडर किया जा सकता है। जैसे ही आप किसी पॉलिसी को सरेंडर करते हैं तो तुरंत प्रभाव से जीवन बीमा कवर खत्म हो जाता है। टर्म प्लान के अलावा दूसरी सभी पॉलिसी में सरेंडर वैल्यू होती है। यह पहले साल के बाद किए गए सभी प्रीमियम के 30-50 प्रतिशत के स्तर पर होती है।