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निवेश के मंत्र 1: कठिन समय में निवेश कर पैसे कमाने से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की राय

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 28 Apr 2020 04:16 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर

दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पहले ही सुस्त रफ्तार से बढ़ रही थी, कोरोना ने गरीबी में आटा और गीला कर दिया है। नौकरी पेशा लोगों पर सैलरी कट और नौकरियां जाने जैसी तलवारें लटक रही हैं, महीने से ज्यादा हो चुके लॉकडाउन ने छोटे-मझोले कारोबारियों का भी हाल बेहाल कर दिया है। ऐसी स्थिति में बहुत जरूरी है कि वित्तीय फैसले बड़ी समझदारी के साथ लिए जाएं।

इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला ने निवेशकों की परेशानी दूर करने के लिए वित्त विशेषज्ञ डॉक्टर रवि सिंह से बात की, जिन्होंने फाइनेंशियल प्लानिंग के कुछ ऐसे तरीके बताए, जिनकी मदद से आपको निवेश कर फायदा होगा।



किसी भी फाइनेंशियल प्लानिंग की सबसे अहम जरूरत होती है वित्तीय स्थिति की सही जानकारी। आपको ये पता होना चाहिए कि आपकी आमदनी और खर्च कितना है। कितना पैसा आप बचा सकते हैं। कोरोना काल में इस पर कितना असर हुआ है। आपके हाथ में आपकी बैलेंस शीट होनी चाहिए ताकि आप आगे अपने फाइनेंशियल फैसले ले सकें। वित्तीय समीक्षा के बाद तुरंत ये देखिए कि आपके पास इमरजेंसी फंड कितना है। हमेशा अपने पास तीन से छह महीने के लिए रोजमर्रा के खर्च की रकम रखिए। अच्छा होगा अगर इसे कहीं निवेश करने की जगह सेविंग अकाउंट में लिक्विड फॉर्म में रखें। इस फंड का इस्तेमाल तभी करें जब वास्तव में इमरजेंसी हो।

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दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पहले ही सुस्त रफ्तार से बढ़ रही थी, कोरोना ने गरीबी में आटा और गीला कर दिया है। नौकरी पेशा लोगों पर सैलरी कट और नौकरियां जाने जैसी तलवारें लटक रही हैं, महीने से ज्यादा हो चुके लॉकडाउन ने छोटे-मझोले कारोबारियों का भी हाल बेहाल कर दिया है। ऐसी स्थिति में बहुत जरूरी है कि वित्तीय फैसले बड़ी समझदारी के साथ लिए जाएं।

इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला ने निवेशकों की परेशानी दूर करने के लिए वित्त विशेषज्ञ डॉक्टर रवि सिंह से बात की, जिन्होंने फाइनेंशियल प्लानिंग के कुछ ऐसे तरीके बताए, जिनकी मदद से आपको निवेश कर फायदा होगा।

किसी भी फाइनेंशियल प्लानिंग की सबसे अहम जरूरत होती है वित्तीय स्थिति की सही जानकारी। आपको ये पता होना चाहिए कि आपकी आमदनी और खर्च कितना है। कितना पैसा आप बचा सकते हैं। कोरोना काल में इस पर कितना असर हुआ है। आपके हाथ में आपकी बैलेंस शीट होनी चाहिए ताकि आप आगे अपने फाइनेंशियल फैसले ले सकें। वित्तीय समीक्षा के बाद तुरंत ये देखिए कि आपके पास इमरजेंसी फंड कितना है। हमेशा अपने पास तीन से छह महीने के लिए रोजमर्रा के खर्च की रकम रखिए। अच्छा होगा अगर इसे कहीं निवेश करने की जगह सेविंग अकाउंट में लिक्विड फॉर्म में रखें। इस फंड का इस्तेमाल तभी करें जब वास्तव में इमरजेंसी हो।

क्रेडिट कार्ड के बेतहाशा इस्तेमाल पर लगाएं रोक
कठिन परिस्थितियों से समझदारी से निपटें और गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगाएं। क्रेडिट कार्ड के बेतहाशा इस्तेमाल पर भी रोक लगाएं, लेकिन ईएमआई और इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम का भुगतान कर दें। आरबीआई ने तीन महीने टर्म लोन के पेमेंट पर मोहलत दी है। हालांकि, अच्छा यही होगा कि ईएमआई के पेमेंट को जारी रखा जाए और मोहलत के विकल्प को सबसे अंत में चुना जाए। वरना देनदारी बढ़ जाएगी।

कठिन समय के लिए इंश्योरेंस अनिवार्य
कोरोना ने हमें जो सिखाया है, वो ये कि हम सबके पास हेल्थ इंश्योरेंस प्लान जरूर होना चाहिए। लाइफ इंश्योरेंस भी जरूरी है, लेकिन उसका जो परिवार में आमदनी लाता हो और जिस पर परिवार वित्तीय तौर पर निर्भर करता हो। वरना खर्च बढ़ सकता है। इसके अलावा अगर आप अधिक यात्राएं करते हैं, जिसे आप लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शुरू कर सकते हैं, तो आपके पास ओवरसीज ट्रैवल इंश्योरेंस होना चाहिए। इसी तरह, अगर आप मकान मालिक हैं तो होम इंश्योरेंस भी महत्वपूर्ण है। ये ऐसी चीजें हैं जो आपको और आपके परिवार को मानसिक शांति देंगी। 

महंगाई व करेंसी की वैल्यू भी अहम
अगले 5, 10 और 20 सालों में आपको बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है और उसके लिए आपको कितने पैसों की जरूरत पड़ेगी। जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी, दूसरा घर और रिटायरमेंट फंड। मौजूदा महंगाई दर और करेंसी की वैल्यू इसमें बहुत अहम रोल अदा करती है। ये मामला थोड़ा पेचीदा होता है। इसलिए इसमें किसी वित्तीय जानकार या प्रोफेशनल फाइनेंशियल प्लानर की मदद लेना अच्छा होगा। 

निवेश के लिए ये योजनाएं हैं जरूरी
निवेश के कुछ तरीके सबसे लोकप्रिय माने जाते हैं। जिसमें शेयर बाजार यानी इक्विटी, डेट यानी सरकारी और कॉरपोरेट बॉन्ड, तय ब्याज वाली योजनाएं जैसे एफडी, पीएफ और एनएससी, सोना-चांदी और रियल एस्टेट शामिल हैं। लेकिन जब दुनियाभर के शेयर बाजार में उथल-पुथल मची हो, सोने की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर जा रही हों और रियल एस्टेट में घनघोर अनिश्चितता छा गई हो तो निवेश कहां करें- यह एक यक्ष प्रश्न है।

म्युचुअल फंड में निवेश करना है, ये टिप्स आएंगे काम
म्युचुअल फंड शेयर बाजार में निवेश का अच्छा और कम जोखिम वाला जरिया है। अगर आपके आप इमरजेंसी फंड मौजूद है तो पहले से चल रही एसआईपी ना रोकें। क्योंकि लंबी अवधि में मौजूदा गिरावट आपको फायदा देगी। ब्लू चिप कंपनियों वाले म्युचुअल फंड में निवेश से अच्छा मुनाफा मिल सकता है। ब्लू चिप यानी ऐसी कंपनियां जिनकी पूंजी शेयर बाजार मे सबसे ज्यादा है। निफ्टी 50 में शामिल कंपनियां ब्लू चिप कंपनियां मानी जाती हैं। इक्विटी की तुलना में डेट में निवेश सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसमें सीमित रिटर्न ही मिलता है। हालांकि कोरोना के वक्त ये निवेश का सुरक्षित जरिया हो सकता है।

सोना में निवेश से मिलेगा ज्यादा फायदा 
ऐसे हालात में सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं में लोगों का रुझान बढ़ जाता है। सोना 55 हजार रुपये का स्तर छू सकता है। सोने में निवेश के कई तरीके हैं जैसे ज्वैलर्स से पारंपरिक तौर पर गहने और फिजिकल फॉर्म में खरीदारी, बैंकों से सिक्के के रूप में खरीदारी, गोल्ड ईटीएफ के जरिए निवेश या गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी करना। एनएसई जैसे एक्सचेंजों से गोल्ड ईटीएफ और बॉन्ड की खरीदारी की जा सकती है।

बड़ी पूंजी वाला निवेश होता है रियल एस्टेट 
अब बात रियल एस्टेट की। रियल एस्टेट बड़ी पूंजी वाला निवेश होता है। पहले से ही ये सेक्टर मंदी की मार से जूझ रहा है। ऐसे में कोरोना ने इसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। क्योंकि अगले कुछ सालों में फायदे की उम्मीद कम है। तो आपने अभी तक फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू नहीं की है तो पछताइए मत। अब इसकी शुरुआत कीजिए। यकीन मानिए। फायदा होगा।
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