2016-17 में करीब 1.3 लाख लोगों (27 फीसदी) ने बैंक कर्मियों के खराब व्यवहार को लेकर के शिकायत दर्ज कराई हैं। हालांकि बैंक के केवल 0.2 फीसदी ग्राहकों को पत्र लिखने के बाद कुछ समाधान मिला है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक भी शिकायत मिलने के बाद इस पर कार्यवाही करने में देरी करते हैं।
सरकारी बैंकों के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें
रिपोर्ट के मुताबिक 2.8 लाख लोगों ने सरकारी बैंकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। वहीं दूसरे नंबर पर निजी बैंक हैं। हालांकि आरबीआई ने केवल शिकायतों के बारे में उल्लेख किया गया है, लेकिन कुल राशि के बारे में जिक्र नहीं किया है। हालांकि यह रकम लाखों में हो सकती है।