कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अगले साल तक पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत इसको किया जाएगा। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अभी ईपीएफओ की कुछ सर्विस ही ऑनलाइन हुई हैं, हालांकि लोगों की सुविधा के लिए जल्द ही कई सारी सर्विस डिजिटल हो जाएगी।
नहीं भरना होगा फॉर्म
एक साल बाद आपको पीएफ अकाउंट खोलने के लिए किसी तरह का फॉर्म नहीं भरना होगा। कर्मचारी को अपनी सारी डिटेल ऑनलाइन देनी होगी, जिसको कंपनी के द्वारा वैरिफाई करने के बाद उसका अकाउंट शुरू हो जाएगा।
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कंपनी बदलने पर देना होगा केवल यूएएन नंबर
अगर कोई कर्मचारी एक कंपनी बदलकर दूसरी कंपनी में जाता है, तो फिर उसे नई कंपनी में केवल अपना यूएएन नंबर देना होगा और पेपर वर्क करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ नॉमिनी की डिटेल और शेयर प्रतिशत के बारे में भी एक ही बार जानकारी देनी होगी।
श्रम कानून में होगा सुधार
गंगवार ने कहा कि श्रम कानून में सुधार किया जाएगा, जिसके बाद चार कोड में इन्हें बांटा जाएगा। इसके लिए कंपनियों और ट्रेड यूनियन से सरकार बात कर रही है।