कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने सदस्यों की नौकरी छूटने के तीन साल बाद तक बीमा कवर उपलब्ध कराने के एक प्रस्ताव को मंगलवार को अपनी स्वीकृति दे सकता है। ईपीएफओ के लिए निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की बैठक मंगलवार को होने वाली है।
बैठक के एजेंडा के अनुसार, ईपीएफओ के सदस्यों को एंप्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (ईडीएलआई) की सदस्यता नौकरी छूटने के तीन साल बाद तक ऐच्छिक रूप से बरकरार रखने के एक प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए सदस्यों से कम योगदान लेने का प्रस्ताव है। अभी नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के बीमा स्कीम के लिए उनके मूल वेतन का आधा प्रतिशत प्रीमियम के तौर पर देना होता है।
नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी की सदस्यता या लाभ समाप्त हो जाते हैं। इसके अलावा ईपीएफओ उन अपरिचालित खातों पर भी ब्याज देने पर विचार कर सकता है जिनमें पिछले 36 महीनों से योगदान नहीं किया गया है। ऐसे खातों पर ईपीएफओ ने पहली अप्रैल 2011 से ब्याज देना बंद कर दिया था। इस बैठक में सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की सीमा मौजूदा 50 प्रतिशत से बढ़ा कर 65 प्रतिशत करने पर भी विचार किया जाएगा।